बिस्मिल्लाह खान के परिवार और नगर निगम ने अखिलेश यादव के बुलडोजर वाले दावे को नकारा
परिवार ने बताया कि वे अपने पुश्तैनी मकान का पुनर्निर्माण स्वयं कर रहे हैं
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, शाम 6:59 · अपडेट शाम 7:08 · 6 मिनट का पाठ
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वाराणसी में भारत रत्न से सम्मानित शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के पुराने मकान पर बुलडोजर चलाने के दावे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए थे, लेकिन अब बिस्मिल्लाह खान के परिवार और वाराणसी नगर निगम दोनों ने ही इन दावों को पूरी तरह से गलत ठहराया है। परिवार के सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि उनके पुश्तैनी मकान पर कोई बुलडोजर नहीं चलाया गया है, बल्कि वे स्वयं जर्जर मकान का पुनर्निर्माण कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक वीडियो से हुई थी। इस वीडियो में मकान का एक हिस्सा ढहा हुआ दिखाई देता है। अखिलेश यादव ने इस घटना को भाजपा सरकार द्वारा की गई कार्रवाई बताते हुए इसे भारत रत्न सम्मानित कलाकार की संगीत विरासत और देश के सम्मान पर हमला करार दिया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था, "जिनके लिए शहनाई नहीं बजी, उनसे और क्या उम्मीद की जाए?"
अखिलेश यादव ने भाजपा और उसकी विचारधारा से जुड़े लोगों को कला और कलाकारों का विरोधी बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि भाजपा की संकुचित विचारधारा वाले लोग और रूढ़िवादी हमेशा कलाकारों के खिलाफ रहते हैं, क्योंकि रचनात्मक लोग समाज में परिवर्तन की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सकारात्मक कला समाज में करुणा और सहिष्णुता को बढ़ावा देती है, इसीलिए भाजपा कला के हर रूप को अपने एजेंडे के रास्ते में बाधा मानती है या कला का उपयोग करके उसे नकारात्मक बनाना चाहती है।
सपा प्रमुख ने आगे कहा कि जिनके नाम के आगे 'भारत रत्न' जैसा गौरवपूर्ण पद हो, उनकी विरासत को नष्ट करना न केवल उनके मान-सम्मान को, बल्कि पूरे भारत के सम्मान को ठेस पहुँचाने के समान है। उन्होंने भाजपा पर नफरत की राजनीति के जरिए देश को नुकसान पहुँचाने का गंभीर आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने घोषणा की कि यदि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनती है, तो वे भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान की संगीत विरासत को सुरक्षित रखने के लिए 'श्रवण-संग्रहालय' का निर्माण करेंगे। उन्होंने इस कथित बुलडोजर कार्रवाई को अत्यंत निंदनीय बताया था।
हालांकि, अखिलेश यादव की इस पोस्ट के बाद उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिवार के सदस्यों ने सामने आकर इन दावों का खुलासा किया। उस्ताद के पोते सिफ़तेन हुसैन और अफ़ाक हैदर ने स्पष्ट किया कि उनके पुराने मकान पर किसी भी प्रकार का बुलडोजर नहीं चलाया गया है। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव को शायद गलत जानकारी मिली होगी या वे किसी भ्रम में होने के कारण ऐसी पोस्ट कर रहे होंगे। परिवार के सदस्यों ने एक महत्वपूर्ण बात बताई कि उनका मकान वाराणसी के सरायहड़दहा इलाके में स्थित है, जहाँ गलियाँ इतनी संकरी हैं कि वहाँ बुलडोजर का पहुँचना भी असंभव है।
परिवार के अनुसार, बिस्मिल्लाह खान के सभी पुत्रों और पुत्रियों ने काफी समय पहले ही इस पुश्तैनी मकान के पुनर्निर्माण का निर्णय ले लिया था। मकान बहुत ही जर्जर स्थिति में था और कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। इस जोखिम को देखते हुए परिवार के सदस्यों ने आपसी सहयोग से मकान को नया रूप देने का निर्णय लिया था। परिवार के सदस्यों ने जोर देकर कहा कि वे इस पूरे पुनर्निर्माण का कार्य अपने खर्च पर कर रहे हैं और इसके लिए सरकार से किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद नहीं ली गई है। उनका मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक इमारत को एक धरोहर के रूप में सहेजने और यहाँ बिस्मिल्लाह खान का म्यूजियम बनाने का है।
दूसरी ओर, वाराणसी नगर निगम (VMC) ने भी अखिलेश यादव के दावों को खारिज कर दिया है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम ने शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों के सम्मान में एक प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत उनके निवास की ओर जाने वाले रास्तों को उनके जीवन और योगदान के आधार पर थीम आधारित विकसित किया जाएगा, साथ ही उनके घर के एक कमरे को म्यूजियम में बदला जाएगा।
श्रीवास्तव ने आगे बताया कि इस संदर्भ में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान के परिवार के साथ उनके निवास स्थान पर म्यूजियम स्थापित करने के संबंध में चर्चा की गई थी। लेकिन, परिवार के सदस्यों ने इस प्रस्ताव के लिए अपनी सहमति नहीं दी थी। मकान की जर्जर स्थिति का उल्लेख करते हुए परिवार ने बताया कि वे स्वयं इस ढांचे को तोड़कर इसका स्वतंत्र रूप से पुनर्विकास करना चाहते हैं। नगर निगम को इस प्रोजेक्ट के लिए सहमति न मिलने के कारण वे म्यूजियम नहीं बना सके और मकान तोड़ने की प्रक्रिया में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है।
चौक पुलिस स्टेशन के SHO विजय कुमार शुक्ला ने भी इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि संपत्ति के मालिक स्वयं घर तोड़ रहे हैं। नगर निगम ने पहले मकान की खराब स्थिति के संबंध में नोटिस भी दिया था। उन्होंने आगे कहा कि संपत्ति के कुछ हिस्सों को लेकर परिवार में आंतरिक विवाद था, जिसके कारण परिवार के सदस्यों ने पुलिस स्टेशन से संपर्क किया था। अब वह विवाद सुलझ गया है और मालिक अपनी संपत्ति का तोड़फोड़ का काम कर रहे हैं।
इस प्रकार, अखिलेश यादव द्वारा किए गए बुलडोजर एक्शन के दावों के खिलाफ परिवार, पुलिस और नगर निगम तीनों पक्षों ने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और इस घटना को परिवार द्वारा किया गया आंतरिक पुनर्निर्माण बताया है।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान एक विश्व प्रसिद्ध शहनाई वादक थे, जिन्हें उनकी कला और संगीत के प्रति समर्पण के लिए भारत सरकार द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया था। वे भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में एक महान व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते थे।
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