त्रिपुरा सीमा पर बीएसएफ जवानों पर हमला, हथियार छीनने का प्रयास
अशाबाडी गांव में भीड़ ने जवानों को लाठियों से पीटा और सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 5:13 · अपडेट सुबह 1:16 · 4 मिनट का पाठ
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त्रिपुरा के सेपहिजाला जिले में सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों पर हमला किया गया है। इस हिंसक घटना में बीएसएफ के कंपनी कमांडर सहित कुल 3 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अशाबाडी क्षेत्र में हुई इस घटना के दौरान हमलावरों ने जवानों से उनके हथियार छीनने का प्रयास किया और सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचाया।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला तब हुआ जब बीएसएफ तस्करी के प्रयास को रोकने की कोशिश कर रही थी। ग्रामीण लोगों ने रास्ते रोककर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि बीएसएफ के जवानों ने एक स्थानीय निवासी के साथ मारपीट की थी और एक जवान तस्करी में शामिल है। जब बीएसएफ के 3 जवानों को ले जा रही गाड़ी नाकाबंदी वाली जगह पर पहुंची, तो भीड़ ने गाड़ी पर लाठियों और डंडों से हमला किया।
घटना के दौरान भीड़ द्वारा एक जवान को पकड़ लिया गया और दो व्यक्तियों ने उसे लाठियों से पीटना शुरू कर दिया। भीड़ जवान की राइफल छीनने का प्रयास कर रही थी और उसे लगातार मार रही थी। इस हिंसा में एक महिला को भी जवान को लाठी से मारते हुए देखा गया। भीड़ द्वारा जवान को जमीन पर गिराकर उसकी राइफल जबरदस्ती छीन ली गई। इस दौरान लोगों ने बीएसएफ की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।
इस मामले में पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य लोगों को पूछताछ के लिए कलामचौरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। एएनआई ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों पर किसी भी प्रकार का हमला गंभीर चिंता का विषय है और कानून के अनुसार इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और सख्त कदम उठाने और न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी विजय देबबर्मा ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जो लोग देश की सुरक्षा करते हैं उनके साथ ऐसी घटना होना अत्यंत शर्मनाक है और इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी इस घटना की निंदा की और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिखने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एक्स प्लेटफॉर्म पर 4 आरोपियों की तस्वीरें भी साझा की थीं। सूत्रों के अनुसार, हमलावरों में कुछ बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल होने की संभावना है जो अशाबाडी क्षेत्र में रहकर सीमा पार तस्करी कर रहे थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बॉक्सनगर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। बॉक्सनगर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। हमले के स्थान के सामने एक घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसमें इस हिंसक घटना की रिकॉर्डिंग होने की संभावना है। पुलिस और बीएसएफ ने जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसमें एक जवान के सिर और हाथ पर पट्टियां बांधी गई थीं।
त्रिपुरा में पिछले ढाई साल में जवानों पर हमले की यह तीसरी घटना है। इससे पहले अप्रैल 2024 में दुर्गापुर गांव में तस्करी रोकने के प्रयास के दौरान भीड़ के हमले में 3 जवान घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2025 में विशालगढ़ में संदिग्ध पशु तस्करों को रोकने के दौरान भीड़ द्वारा बीएसएफ की गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी, जिसमें 5 जवान घायल हुए थे।
सेपहिजाला त्रिपुरा राज्य का एक जिला है जो अपने सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए जाना जाता है। पूर्व की रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में सीमा पार की गतिविधियां और तस्करी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं।
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