वडोदरा ड्रग केस में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम डोला को एटीएस ने किया गिरफ्तार
₹438 करोड़ के मेफेड्रोन जब्ती मामले में वर्ष 2022 के वडोदरा फैक्ट्री केस के संबंध में आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 1:24 · 3 मिनट का पाठ
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गुजरात एंटी टेरर स्क्वाड (एटीएस) ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी वर्ष 2022 में वडोदरा की एक फैक्ट्री से ₹438.64 करोड़ मूल्य के मेफेड्रोन की जब्ती से संबंधित मामले में की गई है। एटीएस के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफिसर एस.एल. चौधरी के अनुसार, आरोपी सलीम डोला को 31 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था।
इस मामले का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि सलीम डोला ड्रग बनाने की प्रक्रिया में उपयोग होने वाले रसायन उपलब्ध कराता था और उसके बाद तैयार ड्रग उत्पादों को खरीदकर बेचने का काम भी करता था। सिंडिकेट द्वारा कानूनी रूप से निर्यात किए जाने वाले माल के कंटेनरों में नशीले पदार्थ छिपाकर विदेश भेजे जाते थे। इस कार्य को सुगम बनाने के लिए संबंधित देशों में डमी कंपनियां भी स्थापित की गई थीं।
वडोदरा जिले के सिंधरोट गांव के पास स्थित ड्रग उत्पादन इकाई पर एटीएस ने 1 दिसंबर, 2022 को छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान 87.728 किलो मेफेड्रोन (एमडी) जब्त किया गया था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹438.64 करोड़ है। इस मामले में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान सलीम डोला का नाम सामने आने के बाद, उसके विदेश से ड्रग नेटवर्क चलाने की जानकारी मिलने पर उसकी तलाश शुरू की गई थी।
सलीम डोला के बारे में अधिक जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि वह मुंबई से दुबई और उसके बाद केन्या सहित विभिन्न देशों में घूमता था। भारतीय एजेंसियों के प्रयासों और रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उसे तुर्की से खोज निकाला गया था और इस वर्ष की शुरुआत में उसे भारत वापस लाया गया था। इससे पहले मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस जारी किया गया था, जिसके आधार पर अप्रैल में एनसीबी (NCB) द्वारा उसे तुर्की से लाया गया था।
जांच में यह सामने आया है कि वडोदरा की फैक्ट्री में उत्पादित मेफेड्रोन को मुंबई ले जाया जाता था और वहां डोला के साथियों को पहुंचाया जाता था। सलीम डोला को दाऊद इब्राहिम का करीबी साथी माना जाता है। वह अतीत में इकबाल मिर्ची से भी जुड़ा हुआ था और 1990 के दशक में मिर्ची के लिए ड्रग तस्करी करता था। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क विकसित किया। उसके ड्रग संबंधी मामलों का इतिहास 1998 से शुरू होता है, जब उसे मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगभग 40 किलो मैंड्रैक्स के साथ पकड़ा गया था। उसके खिलाफ भारत में ड्रग तस्करी के कई मामले दर्ज हैं और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उसके वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है।
वर्तमान में एटीएस द्वारा सलीम डोला से पूछताछ की जा रही है। जांच का उद्देश्य रसायनों के स्रोत, वित्तीय लेनदेन, वितरण चैनलों और इस नेटवर्क में अन्य सदस्यों की संलिप्तता के बारे में जानकारी प्राप्त करना है। एटीएस के अनुसार, उसके खिलाफ देशभर में नशीले पदार्थों से संबंधित लगभग दर्जनों मामले दर्ज हैं।
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