नागला के 371 परिवारों को प्लॉट के पट्टे मिलने से खुशी की लहर
वर्षों के इंतजार के बाद प्रशासनिक तंत्र द्वारा प्लॉट के दस्तावेजों का वितरण किया गया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, सुबह 2:41 · 2 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
वाव-थराद जिले के नागला गांव के 371 लाभार्थी परिवारों को उनके घर के प्लॉट के पट्टे वितरित किए गए हैं। यह कार्यक्रम जिला विकास अधिकारी कल्पेश शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिससे ग्रामीणों के लंबे इंतजार का अंत हो गया है।
नागला गांव में पुनर्वास की प्रक्रिया वर्ष 2016-17 में शुरू हुई थी, लेकिन भूमि और प्रशासनिक मंजूरियों की जटिलताओं के कारण यह मामला वर्षों तक अटका रहा। इस समस्या के समाधान के लिए गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और थराद के विधायक शंकर चौधरी ने व्यक्तिगत रुचि ली और निरंतर फॉलो-अप लिया। उनके प्रयासों के कारण, 13/08/2023 को राज्य सरकार द्वारा इस योजना को अंतिम मंजूरी दी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक तंत्र द्वारा कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया गया।
गांव के सरपंच देवशी पटेल ने बताया कि एक ही दिन में इतने बड़े संख्या में परिवारों को पट्टे देकर नेतृत्व और प्रशासनिक तंत्र ने पूरे गुजरात में एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को सिर पर छत दिलाने का यह कार्य शंकर चौधरी के प्रयासों से संभव हो पाया है। इस अवसर पर नेता जीवराज पटेल ने शेष लाभार्थियों की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने और पुनर्वास क्षेत्र में सड़क तथा पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर तालुका विकास अधिकारी राजेश जोशी, सरपंच देवशी पटेल, सरदारसिंह वाघेला, हितेश पटेल सहित अन्य स्थानीय नेता और प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
शंकर चौधरी गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष और थराद के विधायक हैं।
सिद्धपुर में सरस्वती नदी के तट पर कार्तिकी पूर्णिमा का मेला आयोजित होगा
नगरपालिका द्वारा मेले के स्टॉल और झूलों के लिए पारदर्शी तरीके से निविदा प्रक्रिया अपनाई गई
परवटा के पास चावल से भरी ट्रक पलटने से दुर्घटना हुई
हरियाणा से मुंबई जा रही ट्रक डायवर्जन पर नियंत्रण खोने से पलटी
हजारों गायों की सेवा करने वाली साध्वी शारदाबेन का संक्षिप्त बीमारी के बाद निधन
भेंसाणा गांव में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति में साध्वी शारदाबेन को समाधि दी गई