बीड़ के तकरवन में सूखे से महिला किसानों को भारी नुकसान
राज्य सरकार के ₹6000 करोड़ के वादे के बावजूद रोजगार गारंटी योजनाएं अब तक केवल खोखले वादे साबित हो रही हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, सुबह 11:11 · 1 मिनट का पाठ
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The Hindu की एक रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के बीड़ जिले में पड़े अत्यंत गंभीर और भयानक सूखे के कारण तकरवन गांव की महिला किसानों को बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। महाराष्ट्र के सबसे खराब सूखे में से एक के कारण इन महिलाओं के सपने भी टूट गए हैं और इस वर्ष उनकी दिवाली भी अंधकारमय हो गई है।
वर्तमान में इन महिला किसानों के लिए रोजगार गारंटी योजनाएं ही आशा की एकमात्र किरण बनी हुई हैं, लेकिन ये योजनाएं अब तक केवल एक वादा बनकर रह गई हैं और इस वादे को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। राज्य सरकार ने इस सूखे की अवधि के दौरान रोजगार गारंटी योजनाओं में ₹6000 करोड़ से अधिक के निवेश की घोषणा की है।
लेकिन, तकरवन गांव की इन महिलाओं के लिए सरकार का यह वादा अब तक केवल एक खाली वादा साबित हुआ है। योजनाओं के माध्यम से उन्हें मिलने वाली सहायता अभी तक प्राप्त नहीं हो सकी है, जिसके कारण वे अत्यधिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। इस स्थिति के कारण ये महिलाएं अभी बहुत कठिन समय से गुजर रही हैं और ये योजनाएं अब तक उनके लिए वादा पूरा करने में पूरी तरह से विफल रही हैं। ये महिलाएं अभी आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं।
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