अमेरिका ने ईरान के खिलाफ खोला नया मोर्चा, 'आयरन गेट' योजना के तहत 20 अधिकारियों की नियुक्ति
ईरान द्वारा किए जा रहे हथियारों और सैन्य सामग्री के अवैध परिवहन को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, रात 10:41 · 2 मिनट का पाठ
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अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करते हुए एक नया मोर्चा खोला है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) द्वारा 'आयरन गेट' (Iron Gate) नामक एक विशेष टास्क फोर्स की स्थापना की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ईरान के जमीनी परिवहन मार्गों में व्यवधान डालना और अवैध शिपमेंट पर लगाम लगाना है।
अमेर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इस आयरन गेट योजना की निगरानी के लिए 20 उच्च अधिकारियों की एक टीम तैयार की गई है। अब तक अमेरिका मुख्य रूप से समुद्री मार्गों पर ध्यान केंद्रित कर रहा था, लेकिन अब इस नई रणनीति के माध्यम से जमीन और कैस्पियन सागर के मार्गों पर भी कड़ी शिकंजा कसने की तैयारी की गई है। इस कदम का उद्देश्य ईरान द्वारा किए जा रहे हथियारों और सैन्य सामग्री की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से बाधित करना है।
दूसरी ओर, इस दबाव के खिलाफ अपना पक्ष रखते हुए ईरान ने दावा किया है कि वह हथियारों के उत्पादन और निर्यात में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गया है। अमेरिका द्वारा जमीनी मार्गों पर निगरानी बढ़ाने के इस निर्णय से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ने की संभावना है। अमेरिका अब ईरान की सैन्य सामग्री की आवाजाही पर नजर रखने के लिए इस आधुनिक टास्क फोर्स का उपयोग करेगा।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना और उसके द्वारा अन्य देशों या समूहों को भेजे जाने वाले हथियारों पर रोक लगाना है। 20 अधिकारियों की यह टीम निरंतर निगरानी करेगी ताकि किसी भी अवैध परिवहन मार्ग का उपयोग न किया जा सके। इस योजना के माध्यम से अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब केवल समुद्री सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी मार्गों पर भी सख्त कार्रवाई करेगा।
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