बुक लॉन्च से पहले सोनिया गांधी का बड़ा आरोप, १२ साल में देश को भारी नुकसान
मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए सोनिया गांधी ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर अत्याचार होने का आक्षेप किया है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, दोपहर 1:52 · अपडेट रात 11:29 · 3 मिनट का पाठ
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हिन्दुस्तान टाइम्स के हवाले से, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि पिछले १२ साल में देश के ताने-बाने, लोकतंत्र और संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि इस सरकार के सत्ता से हटने के बाद भी देश की सिस्टम को फिर से पटरी पर लाने और स्वस्थ करने में काफी समय लगेगा तथा राजनीतिक दलों की ओर से बहुत बड़े प्रयासों की जरूरत पड़ेगी। अपनी आगामी पुस्तक 'बिलोंगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' के लॉन्चिंग से पहले 'द हिंदू' को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही है। सोनिया गांधी ने बताया कि अब आम लोगों में भी बेचैनी बढ़ने लगी है और वे इस नुकसान को पहचान रहे हैं।
भूतपूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें आशावाद है और वे जानती हैं कि भारत के नागरिक उचित शासन व्यवस्था की पुनरावृत्ति का स्वागत करेंगे। कांग्रेस पार्टी की अद्भुत स्थिति और उसकी वर्तमान संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वे इस मामले में निराश नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है तब से कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को कभी समान अवसर या लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासकों का सभी संस्थाओं पर, खासकर चुनाव आयोग पर पूर्ण नियंत्रण है, और वे मुख्यधारा के मीडिया, वित्तीय शक्ति तथा धर्म के उपयोग पर पकड़ रखते हैं।
सोनिया गांधी ने आक्षेप किया है कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को तमाम तरह के अत्याचार और सताए जाने का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद देश के हर गांव और हर जिले के कांग्रेस के स्त्री और पुरुष कार्यकर्ता हमारे संविधान में निहित मूल्यों के लिए लगातार लड़ रहे हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि हाल के महीनों में यह बात साबित हो चुकी है कि कई चुनावों की चोरी हुई है और अब जनता इस मामले में अधिक जागरूक बन गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलकर काम कर रही है और पार्टी की संभावनाएं दिन-प्रतिदिन सुधर रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस को उनके उदय से क्या सीखना चाहिए, इस बारे में बात करते हुए बताया कि यह बात सही है कि वे बहुत अलग वैचारिक दुनिया से आते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के अंदर राजनीति में सफल होने के अनेक रास्ते हैं, जैसे डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे। उन्होंने जोड़ा कि उन्हें नहीं लगता कि पार्टी को आरएसएस से खासकर कुछ सीखने की जरूरत है। यदि उन्होंने २००४ में प्रधानमंत्री बनना स्वीकार किया होता तो यूपीए की नीतियां और कांग्रेस की रणनीति अलग होती या नहीं, इस बारे में उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा विचार कभी उनके मन में नहीं आया।
उन्होंने बताया कि उनका अनुभव ज्यादातर बहुत सकारात्मक रहा था और सबने टीम के रूप में काम किया था। हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित होने वाली पुस्तक 'बिलोंगिंग: अ जर्नी ऑफ लव' एक व्यक्तिगत संस्मरण है, जिसमें राजनीति पृष्ठभूमि के रूप में काम करती है। इससे पहले पीएनआरएचआई के साथ अवरोध के बाद यह पुस्तक अब आगामी १० नवंबर को भारत में प्रकाशित होनी है।
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