15 पॉइंट के नए स्कोरिंग फॉर्मेट में शुरुआत से ही सतर्क रहना होगा: पी.वी. सिंधु
हाइलो ओपन जीतने के बाद विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंची सिंधु ने खेल के बदलते नियमों पर अपनी राय दी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 2:09 · अपडेट सुबह 2:14 · 5 मिनट का पाठ
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भारतीय बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु ने अगले वर्ष से लागू होने वाले 15 पॉइंट के नए स्कोरिंग फॉर्मेट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। 'द हिंदू' की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिंधु का मानना है कि इस बदलाव के कारण खिलाड़ियों को अपने खेल और रणनीति में बड़ा बदलाव करना होगा। उन्होंने बताया कि अब खिलाड़ियों के पास धीमी शुरुआत के बाद खेल पर पकड़ बनाने के लिए बहुत कम समय मिलेगा।
सिंधु ने आगे कहा, "हम कई वर्षों से 21 पॉइंट की प्रणाली में खेल रहे हैं। अब यह आवश्यक है कि हम इस नई स्कोरिंग प्रणाली के लिए प्रशिक्षण लें और अभ्यास करें।" उन्होंने समझाया कि 21 पॉइंट के खेल में यदि कोई खिलाड़ी शुरुआत में पांच पॉइंट गंवा देता था, तो भी उसके पास वापसी करने का समय और अवसर रहता था। लेकिन नए फॉर्मेट में, यदि पांच या छह पॉइंट हाथ से निकल गए, तो आधा खेल खत्म हो चुका होगा। इसलिए, खेल की शुरुआत से ही पूरी तरह सतर्क रहना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब आसान पॉइंट गंवाने की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि जब तक खिलाड़ी को अपनी गलती का एहसास होगा, तब तक खेल का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका होगा। इसलिए, हर क्षण सजग रहना होगा।
यह बयान पी.वी. सिंधु ने रविवार, 1 नवंबर को हाइलो ओपन जीतने के बाद दिया। इस जीत के साथ वह पिछले चार महीनों में दूसरा खिताब जीतने में सफल रही हैं, जिसके कारण वह फिर से विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंच गई हैं। 2023 के बाद वह पहली बार फिर से टॉप 10 में प्रविष्ट हुई हैं। यह जीत उनके लंबे इंतजार को खत्म करती है, क्योंकि जुलाई में जापान ओपन से पहले उनका पिछला खिताब 2024 सैयद मोदी इंटरनेशनल में आया था।
31 वर्षीय सिंधु ने अपनी इस सफलता और वापसी का श्रेय अपनी नई सपोर्ट सिस्टम को दिया है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित मीडिया इंटरेक्शन में उन्होंने कहा, "इस साल मेरे पास नई टीम है और हम हर पहलू पर काम कर रहे हैं। मैं उनकी बहुत आभारी हूं क्योंकि ऐसे दिन आते हैं जब आप अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं होते और उदास होते हैं, लेकिन टीम आपको हर बार प्रोत्साहित करती है और चीजों को सही दिशा में ले जाती है।"
सीजन-एंडिंग BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स में अपना स्थान सुनिश्चित कर चुकी सिंधु ने कहा कि उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है, हालांकि इसके लिए आराम और रिकवरी को प्राथमिकता देना जरूरी है। शरीर की देखभाल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "अपने शरीर का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है, लेकिन साथ ही स्मार्टली सही निर्णय लेना भी जरूरी है। अब आप 20 वर्ष के नहीं रहे, और आप लगातार एक के बाद एक टूर्नामेंट नहीं खेल सकते। आप जिस टूर्नामेंट को खेलें, उसमें अपना 100% देना चाहिए। उसके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से सर्वश्रेष्ठ होना जरूरी है। यदि शरीर 100% न हो, तो एक कदम पीछे हटकर रिकवर होना चाहिए और अधिक मजबूत होकर वापस लौटना चाहिए।"
सिंधु ने स्पष्ट किया कि वह अब अपने पुराने स्वरूप को पाने के लिए जल्दबाजी नहीं कर रही हैं, बल्कि एक के बाद एक खिताब जीतकर खुद को फिर से गढ़ रही हैं। उनकी राय में, सुधार के लिए अभी भी काफी जगह है और वह मानसिक तथा शारीरिक रूप से अच्छी स्थिति में हैं। वह इस बात से भी खुश हैं कि अब देश की उम्मीदें केवल उन पर ही नहीं हैं। उन्होंने अश्मिता चलीहा, अनमोल खरब, उन्नति हुडा और तन्वी शर्मा जैसे खिलाड़ियों की प्रशंसा की, जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
व्यक्तिगत समर्थन के बारे में बात करते हुए सिंधु ने अपने पति वेंकट दत्त साई का विशेष उल्लेख किया, जो नियमित रूप से दुनिया भर के टूर्नामेंटों में उनके साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता बहुत सहयोगी हैं और अब उनके पति भी इस प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं। वह खेल और उस मानसिक दबाव को समझते हैं जिससे एक खिलाड़ी गुजरता है। सिंधु ने बताया कि इस साल ऑस्ट्रेलिया ओपन में उनके पति कोच के रूप में बैठे थे, और बाहर से मैच देखते समय मिलने वाले इनपुट्स बहुत उपयोगी होते हैं।
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