12वीं के बाद जेन ज़ी युवाओं में स्किल-बेस्ड करियर का क्रेज बढ़ा
डिग्री के साथ डिजिटल मार्केटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे कौशलों पर युवाओं का अधिक जोर
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 12:56 · अपडेट दोपहर 1:07 · 3 मिनट का पाठ
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12वीं कक्षा की परीक्षाएं पूरी होने के बाद छात्रों के सामने हमेशा यह सवाल होता है कि अब आगे क्या करना है। पिछले समय में करियर चुनने का अर्थ केवल किसी कॉलेज में प्रवेश लेकर डिग्री प्राप्त करना होता था, लेकिन अब 'जेन ज़ी' (Gen Z) पीढ़ी के युवाओं की विचारधारा में बड़ा बदलाव आया है। आज के युवा अब केवल किताबी पढ़ाई या डिग्री तक सीमित रहने के बजाय पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे कौशल (स्किल्स) सीखना चाहते हैं, जो उन्हें नौकरी पाने, अपना व्यवसाय शुरू करने और तेजी से बदलते बाजार में टिके रहने में मददगार साबित हो सकें।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रोजगार पाने के तरीकों में आए बदलाव के कारण यह रुझान देखा जा रहा है। वर्तमान में कंपनियां केवल उम्मीदवार की डिग्री को महत्व नहीं देती हैं, बल्कि काम की व्यावहारिक समझ, तकनीकी जानकारी, रचनात्मक सोच और समस्याओं को हल करने की क्षमता (प्रॉब्लम सॉल्विंग कैपेबिलिटी) को अधिक प्राथमिकता देती हैं। इन कारणों से 12वीं के बाद छात्र पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ स्किल-बेस्ड विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
जिन छात्रों की रुचि तकनीक में अधिक है, उनके लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन, डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में नए अवसर उभर रहे हैं। बीसीए (BCA) जैसे कोर्स के माध्यम से छात्र प्रोग्रामिंग, वेब डेवलपमेंट और डेटाबेस मैनेजमेंट जैसी महत्वपूर्ण बातें सीख सकते हैं।
दूसरी ओर, जो छात्र बिजनेस और मैनेजमेंट में रुचि रखते हैं, वे बीबीए (BBA) का विकल्प चुन रहे हैं। इस कोर्स में डिजिटल बिजनेस, फाइनेंस, मार्केटिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे स्पेशलाइजेशन के जरिए बिजनेस की गहरी समझ विकसित की जा सकती है।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता ने जेन ज़ी युवाओं के लिए करियर के कई नए द्वार खोले हैं। ग्राफिक डिजाइनिंग, डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट क्रिएशन और सोशल मीडिया एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में युवाओं की रुचि लगातार बढ़ रही है। इसके अलावा, जो युवा अपनी रचनात्मकता को व्यवसाय में बदलना चाहते हैं, उनके लिए जर्नलिज्म, मास कम्युनिकेशन और ट्रैवल ब्लॉगिंग भी बेहतरीन विकल्प बन रहे हैं।
डिग्री के साथ अल्पकालिक (शॉर्ट-टर्म) कोर्स का महत्व भी बढ़ा है। एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन के एक ब्लॉग में बताया गया है कि जेन ज़ी के लिए स्किल डेवलपमेंट अब करियर की संभावनाओं को सुधारने के लिए एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इस संस्थान के अनुसार, 83% जेन ज़ी युवा बेहतर नौकरी और करियर में प्रगति के लिए नए स्किल्स सीख रहे हैं।
इस ब्लॉग में कुछ विशिष्ट शॉर्ट-टर्म कोर्स का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें इंटीरियर डिजाइनिंग, सोशल मीडिया एनालिटिक्स, विदेशी भाषाएं, एक्सेल के माध्यम से फाइनेंशियल मॉडलिंग और डिजिटल मार्केटिंग शामिल हैं। इस प्रकार के अल्पकालिक कोर्स छात्रों को कम समय में किसी विशिष्ट क्षेत्र की बुनियादी जानकारी और व्यावहारिक समझ प्राप्त करने में मदद करते हैं।
निष्कर्षतः, 12वीं के बाद जेन ज़ी के लिए करियर का चुनाव अब केवल एक डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहा। आज के युवा अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य में मिलने वाले अवसरों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई के साथ नए स्किल्स सीखने पर अधिक जोर दे रहे हैं, ताकि वे आधुनिक प्रतिस्पर्धी युग में सफल हो सकें।
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