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निर्माण क्षेत्र में AI क्रांति: अब 'वर्ल्ड मॉडल्स' स्वतः तैयार करेंगे मजबूत इमारतों के डिजाइन

अमेरिका में पूर्व Palantir अधिकारियों द्वारा शुरू किया गया 'Dream' स्टार्टअप निर्माण उद्योग की दशकों पुरानी उत्पादकता की समस्या को हल करने के लिए अत्याधुनिक AI मॉडल्स का उपयोग कर रहा है।

आवतीकाल AI डेस्क30 अक्टूबर 2026 · 6 मिनट का पाठ
लिडार डेटा और AI द्वारा जेनरेट किया गया मैकेनिकल रूम का 3D पॉइंट क्लाउड और BIM मॉडल।
लिडार डेटा और AI द्वारा जेनरेट किया गया मैकेनिकल रूम का 3D पॉइंट क्लाउड और BIM मॉडल।
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पिछले सात दशकों में मानवजाति ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। हमने डायल-अप इंटरनेट से लेकर सुपरइंटेलिजेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक का सफर तय किया है। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि, जब हमारे आसपास की भौतिक दुनिया बनाने की बात आती है, तो हमारी क्षमता बढ़ने के बजाय घटती हुई प्रतीत होती है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था के डेटा पर नजर डालें तो एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आता है: निर्माण क्षेत्र में श्रम उत्पादकता (labor productivity), यानी प्रति श्रमिक वास्तविक उत्पादन, आज भी उतना ही है जितना 1948 में था। फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ रिचमंड के वरिष्ठ अर्थशास्त्री चेन येह की रिपोर्ट के अनुसार, अन्य सभी क्षेत्रों में उत्पादकता तीन गुना बढ़ी है, लेकिन निर्माण क्षेत्र इस मामले में अपवाद रहा है।

उत्पादकता में यह गिरावट केवल सांख्यिकीय मायाजाल नहीं है, बल्कि एक गंभीर आर्थिक समस्या है। ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस के डेटा दर्शाते हैं कि 1970 के दशक से निर्माण क्षेत्र की उत्पादकता में लगातार गिरावट आ रही है। 2020 में प्रति श्रमिक उत्पादन 1970 की तुलना में 30 प्रतिशत कम था। यह एक ऐसा विरोधाभास है जो अर्थशास्त्रियों को उलझा रहा है। जब मैन्युफैक्चरिंग (manufacturing) और खनन जैसे क्षेत्रों ने नई तकनीक अपनाकर बड़ी प्रगति की है, तब निर्माण क्षेत्र पीछे रह गया है। इस गिरावट का असर आम लोगों पर घरों की किफायती कीमतों और समग्र आर्थिक विकास के रूप में पड़ता है। निर्माण क्षेत्र अमेरिका के जीडीपी (GDP) में लगभग 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है और यह अन्य क्षेत्रों को पूंजी उपलब्ध कराने वाला एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता है।

फेडरल रिजर्व की रिपोर्ट के अनुसार, यदि निर्माण उत्पादकता में 1970 से हर साल केवल 1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई होती, तो आज कुल आर्थिक उत्पादकता और प्रति व्यक्ति आय वर्तमान स्तर से 10 प्रतिशत अधिक होती। यह नुकसान हर पांच साल में लगभग $1 ट्रिलियन जितना बड़ा है। इस समस्या की जड़ तक जाने के लिए शोधकर्ताओं ने कई पहलुओं की जांच की है। शुरुआत में यह माना जाता था कि शायद आंकड़ों की गणना में गलती है, लेकिन उप-ठेकेदारों और अन्य कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी यह रुझान नहीं बदलता है। नेचर (Nature) पत्रिका और अन्य अध्ययन भी पुष्टि करते हैं कि भौतिक रूप से भी, जैसे कि प्रति श्रमिक बनने वाले मकानों की संख्या में कमी आई है।

रिचमंड फेडरल रिजर्व का ग्राफ जो 1948 से निर्माण उत्पादकता में हुई गिरावट को दर्शाता है।
रिचमंड फेडरल रिजर्व का ग्राफ जो 1948 से निर्माण उत्पादकता में हुई गिरावट को दर्शाता है। (richmondfed.org)

इस वैश्विक समस्या के समाधान के रूप में अब AI मैदान में आया है। 'Dream' नाम का एक नया स्टार्टअप निर्माण उद्योग के लिए 'वर्ल्ड मॉडल्स' (world models) विकसित कर रहा है। पालांटिर (Palantir) कंपनी के पूर्व एक्जीक्यूटिव्स एंडी एल्डर और अर्जुन माथुर द्वारा स्थापित इस कंपनी ने हाल ही में $17 मिलियन का सीड फंडिंग प्राप्त किया है। उनका उद्देश्य आर्किटेक्चर, इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन (AEC) उद्योग में क्रांति लाना है। वर्तमान समय में आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर अभी भी AutoCAD और Revit जैसे पुराने सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हैं, जिसमें हर हिस्से को मैन्युअली ड्रा करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में AI की कोई भूमिका नहीं होती है, जो उत्पादकता में बाधा उत्पन्न करती है।

वर्ल्ड मॉडल (world model) बाहरी वास्तविकता का एक आंतरिक प्रतिनिधित्व है। मनोविज्ञान में इस शब्द का उपयोग मेंटल मॉडल्स (mental models) के लिए किया जाता है, जो हमें भविष्य की घटनाओं की कल्पना करने में मदद करते हैं। AI के संदर्भ में, Dream कंपनी का मॉडल केवल सुंदर चित्र ही नहीं बनाता, बल्कि यह भौतिक विज्ञान (physics) और निर्माण के मानकों पर आधारित है। ChatGPT जैसे लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLM) शब्दों से सीखते हैं, जबकि Dream का मॉडल अमेरिका के परमिट आर्काइव्स से प्राप्त 100 मिलियन वर्ग फुट से अधिक बिल्डिंग डेटा पर प्रशिक्षित है। यह मॉडल समझता है कि दीवारों के अंदर क्या है, किस सामग्री का उपयोग हुआ है, बीम किसके बने हैं और वे कितना वजन सहन कर सकते हैं।

पारंपरिक सॉफ्टवेयर बनाम Dream AI वर्ल्ड मॉडलAI मॉडल पूरे बिल्डिंग को एक यूनिट के रूप में समझते हैं।
विशेषताAutoCAD / RevitDream AI वर्ल्ड मॉडल
डिज़ाइन पद्धतिहर भाग मैन्युअली ड्रा करनापूरी बिल्डिंग अपने आप जनरेट होती है
भौतिक विज्ञान की समझनगण्य (केवल ड्राइंग)पूर्ण (वजन और मजबूती की गणना)
डेटा आधारउपयोगकर्ता का इनपुट100 मिलियन वर्ग फुट बिल्डिंग डेटा
समय और खर्च का अनुमानअलग से गणना करनी पड़ती हैडिज़ाइन के साथ तुरंत उपलब्ध

इस दृष्टिकोण को कंपनी 'स्ट्रक्चरल कॉग्निशन' (structural cognition) यानी संरचनात्मक समझ कहती है। यह मॉडल ऐसी डिजाइन तैयार करता है जो संरचनात्मक रूप से सटीक होती हैं और जिनमें प्लंबिंग और HVAC (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) जैसी आंतरिक प्रणालियां भी शामिल होती हैं। इस तकनीक का उपयोग करके डेवलपर्स इमारतों की डिजाइन तैयार कर सकते हैं और उसकी कुल लागत का त्वरित अनुमान प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में टेक्सास और कैलिफोर्निया में 10 सक्रिय प्रोजेक्ट्स में इस प्लेटफॉर्म का उपयोग हो रहा है। यह पद्धति पारंपरिक पद्धति से कहीं अधिक तेज है क्योंकि यह पूरी बिल्डिंग को एक साथ डिजाइन कर सकती है।

Dream AI वर्ल्ड मॉडल कैसे काम करता है?डेटा से लेकर वास्तविक निर्माण तक के चरण।
  1. डेटा लर्निंगलाखों वर्ग फुट के बिल्डिंग प्लान और परमिट आर्काइव्स से AI प्रशिक्षण प्राप्त करता है।
  2. स्ट्रक्चरल कॉग्निशनमॉडल दीवारों के अंदर के बीम, पाइपलाइन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की व्यवस्था को समझता है।
  3. ऑटोमैटिक डिज़ाइनउपयोगकर्ता की जरूरत के अनुसार भौतिक विज्ञान के नियमों के अधीन सटीक डिज़ाइन तैयार होती है।
  4. खर्च विश्लेषणडिज़ाइन के आधार पर आवश्यक सामग्री और कुल खर्च का तुरंत अनुमान निकाला जाता है।

निर्माण क्षेत्र में उत्पादकता घटने का एक बड़ा कारण भूमि उपयोग के कड़े नियम (land-use regulation) भी हैं। 2024 के एक वर्किंग पेपर के अनुसार, 1970 के बाद अमेरिका में मकान निर्माण की मंजूरी की प्रक्रिया अधिक जटिल और लंबी हो गई है। इसके कारण डेवलपर्स बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय छोटे प्रोजेक्ट्स चुनते हैं। छोटी कंपनियों के पास नई तकनीक या अनुसंधान में निवेश करने की क्षमता कम होती है, जो एक दुष्चक्र बनाती है। यदि निर्माण कंपनियों का आकार मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों जितना होता, तो उत्पादकता 60 प्रतिशत अधिक होती। AI वर्ल्ड मॉडल्स इन जटिल नियमों और डिजाइन प्रक्रिया को सरल बनाकर इस बाधा को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

वैश्विक स्तर पर निर्माण उद्योग का आकार विशाल है। 2022 में निर्माण गतिविधियों पर खर्च $11 ट्रिलियन को पार कर गया था, जो वैश्विक जीडीपी के लगभग 13 प्रतिशत के बराबर है। 2030 तक इस आंकड़े के $14.8 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। भारत जैसे देशों के लिए, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) और आवास की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, वहां ऐसी तकनीक अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि हम AI की मदद से तेज, सस्ती और अधिक मजबूत इमारतें बना सकें, तो यह आर्थिक विकास को नई गति दे सकती है।

हालांकि, अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं। निर्माण एक जोखिम भरा उद्योग है, जहां सुरक्षा के मानक अत्यंत कड़े होते हैं। 2019 में अमेरिका में उद्योगों में हुई कुल मौतों में से 20 प्रतिशत निर्माण क्षेत्र में थीं। इसलिए, AI द्वारा तैयार की गई डिजाइनों का वास्तविक दुनिया के सभी सुरक्षा परीक्षणों में पास होना अनिवार्य है। Dream जैसी कंपनियां दावा करती हैं कि उनके मॉडल वास्तविक इंजीनियरिंग डेटा पर आधारित होने के कारण अधिक विश्वसनीय हैं। भविष्य में, ये वर्ल्ड मॉडल केवल डिजाइन तक सीमित न रहकर, निर्माण स्थल पर रोबोट और मशीनों को मार्गदर्शन देने के लिए भी उपयोग किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष में, निर्माण क्षेत्र की पांच दशक पुरानी जड़ता अब तकनीक के प्रभाव में टूटती हुई प्रतीत हो रही है। AI वर्ल्ड मॉडल केवल सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हैं, बल्कि उनमें भौतिक दुनिया के निर्माण के हमारे तरीके को बदलने की क्षमता है। जैसे-जैसे ये मॉडल अधिक डेटा और अनुभव प्राप्त करेंगे, वे और अधिक सटीक और कुशल बनेंगे। यह क्रांति केवल इंजीनियरों या आर्किटेक्ट्स के लिए नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए है जो एक अच्छा और सस्ता घर पाने की आशा रखता है।

स्रोत

  1. richmondfed.org
  2. TechCrunch
  3. Wikipedia
  4. Wikipedia

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