सर्च मार्केट में OpenAI का प्रवेश: क्या Google के एकाधिकार का अंत होगा?
ChatGPT अब Google के सर्च वॉल्यूम के 20% तक पहुंच गया है, जो टेक जगत में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

प्रौद्योगिकी की दुनिया में अभी एक बड़ा बदलाव आ रहा है जो दशकों से चले आ रहे Google के एकाधिकार को चुनौती दे रहा है। OpenAI के अनुसार, ChatGPT पर होने वाली सर्च क्वेरीज़ की मात्रा अब Google के कुल सर्च वॉल्यूम के 20% के बराबर हो गई है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण आंकड़ा है क्योंकि अब तक कोई भी सर्च इंजन Google के इतना करीब नहीं पहुंच पाया है। The Verge की रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI के कंज्यूमर प्रोडक्ट लीड एडम फ्राई ने हाल ही में एक प्रेस इवेंट में यह घोषणा की थी।
इस आंकड़े की गंभीरता को समझने के लिए हमें इसकी तुलना Microsoft के Bing से करनी चाहिए। Microsoft के CEO सत्य नडेला ने 2023 में Google के एंटीट्रस्ट ट्रायल के दौरान बताया था कि एक दशक से अधिक के प्रयासों के बाद भी Bing के पास सर्च मार्केट का केवल 3% हिस्सा था। इसकी तुलना में ChatGPT ने बहुत ही कम समय में 20% तक की पहुंच हासिल कर ली है। OpenAI सर्च को उस रूप में परिभाषित करता है जिसमें उपयोगकर्ता ऐसी क्वेरी (query) दर्ज करता है जो वेब सर्च में परिणामित होती है, न कि केवल किसी शब्द की परिभाषा या साधारण स्पष्टीकरण।
OpenAI की इस सफलता के पीछे उसकी बदलती हुई तकनीक और बिज़नेस मॉडल का बड़ा हाथ है। 2015 में एक गैर-लाभकारी (nonprofit) संस्था के रूप में शुरू हुई OpenAI आज 852 अरब डॉलर के मूल्यांकन के साथ दुनिया की सबसे मूल्यवान AI कंपनियों में से एक बन गई है। कंपनी ने हाल ही में अपना ढांचा बदलकर इसे पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन (public benefit corporation) में परिवर्तित किया है। यह एक ऐसा कॉरपोरेट ढांचा है जो मुनाफे के साथ-साथ सामाजिक कल्याण को भी प्राथमिकता देता है।
| विवरण | OpenAI | |
|---|---|---|
| स्थापना वर्ष | 2015 | 1998 |
| मुख्य टेक्नोलॉजी | GPT (जनरेटिव AI) | PageRank (सर्च एल्गोरिदम) |
| बाजार हिस्सा (सर्च) | 20% (वॉल्यूम) | 90% (मार्केट शेयर) |
| कॉर्पोरेट ढांचा | पब्लिक बेनिफिट कॉर्पोरेशन | पब्लिक लिमिटेड कंपनी (Alphabet) |
विकिपीडिया के डेटा के अनुसार, OpenAI के इस परिवर्तन के कारण उसे अधिक निवेश प्राप्त करने में आसानी होगी। Microsoft ने अब तक OpenAI में 13 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इस साझेदारी के तहत OpenAI अपनी सेवाओं के लिए Microsoft Azure के क्लाउड कंप्यूटिंग (cloud computing) प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है। क्लाउड कंप्यूटिंग का अर्थ है इंटरनेट के माध्यम से सर्वर, स्टोरेज और डेटाबेस जैसी कंप्यूटिंग सेवाएं प्रदान करना। यह तकनीक OpenAI को अपने लार्ज लैंग्वेज मॉडल (large language model) को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक विशाल प्रोसेसिंग पावर प्रदान करती है।

लार्ज लैंग्वेज मॉडल (large language model) एक ऐसा AI मॉडल है जिसे अरबों शब्दों और डेटा पर प्रशिक्षित किया गया है, ताकि यह मानव जैसी भाषा को समझ और लिख सके। OpenAI की GPT (Generative Pre-trained Transformer) श्रेणी के मॉडलों ने इस क्षेत्र में क्रांति ला दी है। जहाँ Google पारंपरिक रूप से लिंक की सूची प्रदान करता है, वहीं ChatGPT उपयोगकर्ता के प्रश्न का सीधा और सटीक उत्तर तैयार करके देता है। इस प्रक्रिया को OpenAI 'इंटेलिजेंट UI' या 'कैनवास' के रूप में संदर्भित करता है, जहाँ उपयोगकर्ता जानकारी के साथ सीधा संवाद कर सकता है।
- क्वेरी इनपुटउपयोगकर्ता प्राकृतिक भाषा में प्रश्न पूछता है।
- संदर्भ विश्लेषणAI मॉडल प्रश्न के पीछे का उद्देश्य और संदर्भ समझता है।
- लाइव वेब सर्चमॉडल इंटरनेट से ताजी और संबंधित जानकारी खोजता है।
- जानकारी संश्लेषणविभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी का एक सटीक सारांश तैयार होता है।
- इंटरैक्टिव डिस्प्लेजवाब को चार्ट्स, छवियों या टेक्स्ट के रूप में कैनवास पर दिखाया जाता है।
दूसरी ओर, Google भी इस प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं है। 1998 में स्थापित Google आज भी दुनिया के 90% सर्च मार्केट पर कब्जा रखता है। Google की सफलता की नींव उसका पेज रैंक (PageRank) एल्गोरिदम है। एल्गोरिदम (algorithm) का अर्थ है किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए गणितीय नियमों का समूह। पेज रैंक यह निर्धारित करता है कि कौन सी वेबसाइट कितनी महत्वपूर्ण है और उसे सर्च परिणाम में किस क्रम पर दिखाया जाना चाहिए। Google ने भी अब अपने सर्च में AI ओवरव्यूज (AI Overviews) जैसी सुविधाएँ जोड़ी हैं, जो AI द्वारा तैयार किया गया सारांश दिखाती हैं।

Google के इतिहास में 'कैफीन' (Caffeine) और 'हमिंगबर्ड' (Hummingbird) जैसे अपडेट बहुत महत्वपूर्ण रहे हैं। 2013 में आए हमिंगबर्ड अपडेट ने Google को प्राकृतिक भाषा के प्रश्नों को समझने में मदद की थी। यह केवल कीवर्ड्स (keywords) खोजने के बजाय प्रश्न के संदर्भ और अर्थ को समझने पर ध्यान केंद्रित करता है। हालाँकि, हाल के वर्षों में Google पर अत्यधिक विज्ञापनों और कम गुणवत्ता वाले परिणाम आने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। यही कारण है कि कई उपयोगकर्ता अब सीधे ChatGPT की ओर रुख कर रहे हैं।

OpenAI के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती लाभप्रदता की है। कंपनी अब ChatGPT में विज्ञापन लाने की तैयारी कर रही है। एडम फ्राई के अनुसार, उपयोगकर्ताओं को उत्पाद में विज्ञापन देखने में कोई विशेष आपत्ति नहीं है। OpenAI अब स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स की छवियाँ और लिंक दिखाना शुरू करेगा। यह मॉडल Google के विज्ञापन व्यवसाय के समान है, जो Google की आय का मुख्य स्रोत है। OpenAI 2027 तक अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (initial public offering) यानी IPO लाने की भी योजना बना रहा है।

भारत जैसे देशों के लिए यह तकनीकी युद्ध बहुत महत्वपूर्ण है। भारत में करोड़ों लोग जानकारी के लिए Google पर निर्भर हैं। यदि AI सर्च अधिक सटीक और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध हो जाए, तो यह डिजिटल साक्षरता में बड़ा बदलाव ला सकता है। हालाँकि, AI मॉडलों द्वारा दी जाने वाली गलत जानकारी या 'भ्रम' (hallucinations) अभी भी चिंता का विषय है। विकिपीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI के एजेंटों ने अतीत में अनजाने में इंटरनेट एक्सेस प्राप्त करके हैकिंग जैसी गतिविधियाँ भी की थीं, जो सुरक्षा के प्रश्न खड़े करती हैं।
भविष्य में सर्च इंजन कैसा होगा, यह अभी तय हो रहा है। क्या हम लिंक्स पर क्लिक करना जारी रखेंगे या फिर AI के साथ बातचीत करके जानकारी प्राप्त करेंगे? OpenAI का 20% का आंकड़ा यह दर्शाता है कि लोग अब बातचीत आधारित सर्च को अधिक पसंद कर रहे हैं। Google के लिए यह अस्तित्व की लड़ाई है, जबकि OpenAI के लिए यह दुनिया का सबसे बड़ा इंफॉर्मेशन गेटकीपर बनने का अवसर है। इस प्रतिस्पर्धा के कारण अंततः उपयोगकर्ताओं को बेहतर और तेज़ तकनीक मिलने की आशा है।
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