फ्लॉपी डिस्क से आधुनिक डिजिटल स्क्रीन: यूएस एयर ट्रैफिक कंट्रोल का बड़ा रूपांतरण
दशकों पुरानी फ्लॉपी डिस्क और एमएस-डॉस (MS-DOS) आधारित प्रणालियों को सेवानिवृत्त कर अमेरिकी विमानन एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका का आकाश दुनिया के सबसे व्यस्त एयरस्पेस में से एक है, जहाँ प्रतिदिन 45,000 से अधिक विमान उड़ानों का संचालन होता है। इस अति संवेदनशील व्यवस्था को संभालने वाले फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA - Federal Aviation Administration) के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स अभी तक 1980 के दशक की तकनीक और 3.5 इंच की फ्लॉपी डिस्क (floppy disk) पर निर्भर थे। नवंबर 2026 में यूएस डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन ने घोषणा की है कि देश के 435 से अधिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल केंद्रों से इन पुरानी फ्लॉपी डिस्क आधारित प्रणालियों को हटाकर आधुनिक 'एंटरप्राइज इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम' (E-IDS - Enterprise Information Display System) बैठाने का काम तेजी से चल रहा है।
यह नया डिजिटल रूपांतरण केवल एक कंप्यूटर अपग्रेड नहीं है, बल्कि हवाई यात्रा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी मोड़ है। वर्षों से पुरानी प्रणालियाँ बार-बार बंद हो जाती थीं, जिसके कारण उड़ान में देरी होने और क्षेत्रीय संपर्क टूट जाने के मामले बनते थे। यह नया डिजिटल प्लेटफॉर्म एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को मौसम, हवाई अड्डे की स्थिति और सुरक्षा चेतावनियों को एक ही स्क्रीन पर पलक झपकते प्रदर्शित करेगा, जिससे कंट्रोलर्स सेकंड के हिस्से में सही निर्णय ले सकेंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1980 के दशक की तकनीक और उसकी सीमाएँ
संयुक्त राज्य अमेरिका में नागरिक विमानन का नियमन करने वाली संस्था FAA की स्थापना अगस्त 1958 में हुई थी और 1967 में यह डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन का हिस्सा बन गई थी। समय के साथ हवाई यातायात में वार्षिक औसतन 2.4 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की जा रही है। परंतु, इतनी तेज वृद्धि के सामने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC - Air Traffic Control) के साधन अत्यंत पुराने हो गए थे। सरकारी हिसाबी कार्यालय (GAO - Government Accountability Office) की सितंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, FAA की कुल 138 एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम्स में से 51 सिस्टम्स (37 प्रतिशत) बिल्कुल असहनीय (unsustainable) थीं और 54 सिस्टम्स (39 प्रतिशत) संभावित असहनीय स्थिति में थीं।
ટકાવારી
कंट्रोलर्स जो पुरानी सिस्टम्स का उपयोग करते थे उनमें आईडीएस-4 (IDS-4 - Information Display System 4) शामिल था। यह सिस्टम एमएस-डॉस (MS-DOS) ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलती थी और इसमें डेटा अपडेट करने के लिए 3.5 इंच की फ्लॉपी डिस्क का उपयोग होता था। 1990 के दशक की शुरुआत से निरंतर उपयोग में होने के कारण इसके स्पेयरपार्ट्स मिलना मुश्किल हो गए थे। इसके अलावा, कंट्रोलर्स को मौसम की जानकारी, नोटिस टू एयरमैन (NOTAM - Notice to Airmen) और पायलट रिपोर्ट (PIREP - Pilot Report) देखने के लिए चार अलग-अलग सिस्टम्स पर नजर रखनी पड़ती थी, जो बहुत ही कठिन और समय लेने वाली प्रक्रिया थी।
पुरानी तकनीक के कारण हाल ही में कुछ गंभीर घटनाएं भी घटी थीं। जनवरी, फरवरी और मार्च 2025 के दौरान फीनिक्स स्काई हार्बर और शिकागो मिडवे जैसे हवाई अड्डों पर विमानों के आमने-सामने आ जाने की करीब की घटनाएं हुई थीं। अप्रैल और मई 2025 में फिलाडेल्फिया टर्मिनल रडार अप्रोच कंट्रोल (TRACON - Terminal Radar Approach Control) सेंटर के 1960 के दशक के तांबे के तार (copper wires) फेल हो जाने से नेवार्क एयरपोर्ट का संपर्क टूट गया था। इस सिस्टम फेल्योर के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं और वे देरी से चली थीं।
ई-आईडीएस (E-IDS) कैसे काम करती है?
FAA द्वारा लागू की जा रही नई ई-आईडीएस (E-IDS) सिस्टम एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म (enterprise-level platform) है। अगस्त 2020 में लीडोस (Leidos) कंपनी को इस ई-आईडीएस सिस्टम को डिजाइन और विकसित करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था, जो एफएए के नेक्स्ट जेनरेशन एयर ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (NextGen) प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है।
यह सिस्टम पुरानी चार प्रणालियों – IDS-4, ACE-IDS, NIDS और ERIDS का स्थान लेती है। ई-आईडीएस एक डिजिटल सूचना बोर्ड के रूप में काम करती है जो सभी ऑपरेशनल जानकारी को एक ही जगह पर व्यवस्थित करती है। कंट्रोलर अब अलग-अलग कंप्यूटर या फ्लॉपी डिस्क पर निर्भर रहने के बजाय एक ही स्क्रीन पर सभी जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं।
| पुरानी प्रणाली का नाम | विवरण |
|---|---|
| IDS-4 | एमएस-डॉस (MS-DOS) और फ्लॉपी डिस्क आधारित |
| ACE-IDS | कंट्रोलर इक्विपमेंट इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम |
| NIDS | एनएएस (NAS) इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम |
| ERIDS | एन रूट (En Route) इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम |
| पुरानी प्रणाली का नाम | ऑपरेटिंग प्लेटफ़ॉर्म/मीडिया | मुख्य उपयोग और स्थिति |
|---|---|---|
| IDS-4 | MS-DOS और ३.५ इंच फ्लॉपी डिस्क | १९९० के दशक से मौसम और NOTAMs प्रदर्शित करने के लिए |
| ACE-IDS | पुरानी डिस्प्ले तकनीक | कंट्रोलर उपकरण की जानकारी के लिए |
| NIDS | नेशनल एयरस्पेस सिस्टम सॉफ्टवेयर | एयरस्पेस की स्थिति और चेतावनियाँ प्रदर्शित करने के लिए |
| ERIDS | एन-रूट डिस्प्ले प्लेटफ़ॉर्म | मार्ग पर मौजूद विमानों के लिए परिचालन संबंधी जानकारी |
उदाहरण के लिए, जब कोई पायलट हवा में खराब मौसम का अनुभव करता है, तो वह पायलट रिपोर्ट (PIREP) भेजता है। ई-आईडीएस सिस्टम इस रिपोर्ट और हवाई क्षेत्र के प्रतिबंधों (NOTAMs) को तुरंत प्रोसेस करके पूरी नेशनल एयरस्पेस सिस्टम में डिजिटल रूप में साझा करती है, जिससे सभी कंट्रोलर्स और अन्य पायलटों को रीअल-टाइम अपडेट मिलते रहते हैं।
- १. पायलोट रिपोर्टपायलट हवा में खराब मौसम या स्थिति का अनुभव करके पायलट रिपोर्ट (PIREP) भेजता है।
- २. त्वरित प्रोसेसिंगई-आईडीएस प्रणाली इस रिपोर्ट और नोटिस टू एयरमैन (NOTAMs) को तुरंत प्रोसेस करती है।
- ३. डिजिटल शेयरिंगजानकारी पूरे नेशनल एयरस्पेस सिस्टम में डिजिटल रूप में शेयर की जाती है।
- ४. रीअल-टाइम अपडेटसभी कंट्रोलर्स और अन्य पायलटों को सेकंड के हिस्से में रीअल-टाइम अपडेट मिल जाता है।
- १. डेटा का एकत्रीकरणपायलट रिपोर्ट (PIREP), मौसम विभाग के डेटा और नोटाम्स (NOTAMs) डिजिटल रूप में प्राप्त किए जाते हैं।
- २. सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंगई-आईडीएस प्लेटफ़ॉर्म चार पुरानी प्रणालियों के डेटा को एक सुरक्षित सिंगल डिजिटल बोर्ड पर प्रोसेस करता है।
- ३. त्वरित वितरणमौसम में बदलाव, एयरस्पेस प्रतिबंधों और उपकरणों की खराबी से जुड़ी चेतावनियाँ कंट्रोलर की स्क्रीन पर तुरंत दिखाई देती हैं।
- ४. नेशनल एयरस्पेस शेयरिंगयह पूरी जानकारी संपूर्ण नेशनल एयरस्पेस सिस्टम में मौजूद सभी कंट्रोलर्स के बीच पलक झपकते ही शेयर हो जाती है।
बीएनएटीसीएस (BNATCS) और वायरिंग क्रांति
बुनियादी ढांचे के सुधार को गति देने के लिए मई 2025 में यूएस ट्रांसपोर्टेशन सेक्रेटरी ने 'ब्रांड न्यू एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम' (BNATCS - Brand New Air Traffic Control System) योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत जुलाई 2025 में यूएस कांग्रेस ने 12.5 अरब डॉलर का फंड मंजूर किया था। इस कार्यक्रम का पहला चरण (Phase 1) दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बीएनएटीसीएस के चरण 1 के तहत 1960 के दशक के पुराने और कमजोर तांबे के तारों को हाई-स्पीड फाइबर ऑप्टिक केबल (fiber optic cables) से बदला जा रहा है। एफएए की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 तक कुल 5,170 पुराने कॉपर तारों में से 2,560 तारों को सफलतापूर्वक फाइबर ऑप्टिक केबल से बदल दिया गया है। इसके अलावा, वॉयस रेडियो सिस्टम्स को उनके मूल शेड्यूल से 9 साल पहले मॉडर्नाइज करने की योजना है।
योजना के दूसरे चरण (Phase 2) में विमानों को ट्रैक करने और ट्रैफ़िक को ऑप्टिमाइज़ करने के लिए नए ऑटोमेशन प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए जाएंगे, जिसका अनुमानित खर्च 10.2 अरब डॉलर (सुविधाओं को छोड़कर) होगा। हालांकि, फ़ेज़ 2 शुरू करने या पूर्ण करने की कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं की गई है।
योजना के आंकड़े और कार्यान्वयन की समयरेखा
ई-आईडीएस (E-IDS) के कार्यान्वयन के लिए एफएए द्वारा त्वरित योजना बनाई गई है। यह सिस्टम देश के 435 ऑपरेशनल स्थलों पर स्थापित किया जाएगा। नवंबर 2026 की घोषणा के अनुसार, यह सिस्टम सबसे पहले पांच मुख्य स्थलों पर लगाया जा रहा है: 1. अटलांटिक सिटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट 2. नैशवििल इंटरनेशनल एयरपोर्ट 3. ग्रेटर रॉचेस्टर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 4. अटलांटा डेटा प्रोसेसिंग हब 5. साल्ट लेक सिटी डेटा प्रोसेसिंग हब
एफएए के अनुसार, पूरे देश के सभी 435 स्थलों पर ई-आईडीएस लगाने का काम 2028 के अंत तक पूरा हो जाएगा। ट्रांसपोर्टेशन सेक्रेटरी शॉन पी. डफ़ी (Sean P. Duffy) और एफएए एडमिनिस्ट्रेटर ब्रायन बेडफ़ोर्ड (Bryan Bedford) के बताए अनुसार, यह कदम अमेरिकी एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल को 21वीं सदी की आधुनिक क्षमता प्रदान करेगा।
सरकारी हिसाब-किताब कार्यालय (GAO) की चिंताएं और चुनौतियां
यह आधुनिकीकरण अत्यंत आवश्यक होने के बावजूद, सरकारी निगरानी संस्था GAO ने जून 2026 की रिपोर्ट में कुछ गंभीर कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है। जीएओ (GAO) के अनुसार, एफएए के पास इस संपूर्ण बीएनएटीसीएस (BNATCS) प्रोजेक्ट के लिए कोई व्यापक और अच्छी तरह से प्रलेखित लाइफ़साइकिल कॉस्ट एस्टीमेट (lifecycle cost estimate) नहीं है। एफएए द्वारा दिए गए अनुमानों में सरकारी खर्च, फ़ेज़ 1 के ऑपरेशनल खर्च और फ़ेज़ 2 के खर्च को शामिल नहीं किया गया है।
दूसरी बड़ी समस्या इंटीग्रेटेड मास्टर शेड्यूल (integrated master schedule) का अभाव है। एफएए के पास 11,389 अलग-अलग प्रोजेक्ट शेड्यूल हैं, लेकिन वे एक-दूसरे से जुड़े हुए या एकीकृत नहीं हैं। इसके परिणामस्वरूप एक ही स्थान पर एक साथ कई इंस्टॉलेशन निर्धारित होते हैं, जिससे कंट्रोलर के दैनिक कामकाज पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।
जीएओ ने सिफारिश की है कि एफएए प्रोजेक्ट के खर्च में बढ़ोतरी और देरी रोकने के लिए तुरंत एक एकीकृत मास्टर शेड्यूल और सटीक लाइफ़साइकिल कॉस्ट एस्टीमेट तैयार करे। यदि इन जोखिमों का निवारण नहीं किया गया, तो इतने बड़े निवेश के बावजूद एयर ट्रैफ़िक कंट्रोल सिस्टम में देरी और कमियां पैदा होने का जोखिम बना रहता है।


