तेलंगाना सरकार का अवैध IVF केंद्रों के खिलाफ सख्त फैसला
अनधिकृत नेटवर्क के माध्यम से मानव अंडकोश प्राप्त करने वाले केंद्रों का पंजीकरण स्थायी रूप से रद्द करने का आदेश
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, रात 8:59 · अपडेट रात 9:05 · 3 मिनट का पाठ
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तेलंगाना सरकार ने अवैध गतिविधियों में शामिल निजी इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) केंद्रों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राज नरसिम्हा ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अनधिकृत नेटवर्क के माध्यम से मानव अंडकोश प्राप्त करने की गतिविधियों में शामिल केंद्रों का पंजीकरण स्थायी रूप से रद्द किया जाए।
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने शुक्रवार को हैदराबाद में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान ये महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जिन डॉक्टरों के ऐसी अवैध गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आए, उनके मेडिकल लाइसेंस रद्द करने की संभावना की जांच की जाए। इसके लिए स्टेट मेडिकल काउंसिल और नेशनल मेडिकल कमीशन के साथ परामर्श करने का भी निर्देश दिया गया है।
इस बैठक में मंत्री ने अंडकोशों की अवैध खरीद के कथित रैकेट की जांच और निजी फर्टिलिटी केंद्रों के नियमन के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। मंत्री ने बताया कि सरकार ने पहले सृष्टि फर्टिलिटी सेंटर की अनियमितताओं को दूर करने के लिए हस्तक्षेप किया था। अब सरकार अंडकोशों की अवैध प्राप्ति में शामिल गिरोह को पहचानने और पकड़ने में सफल रही है। स्वास्थ्य विभाग पुलिस के सहयोग से ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए निरंतर निगरानी और निरीक्षण कर रहा है।
मंत्री ने अधिकारियों को इस मामले में शामिल व्यक्तियों और संस्थानों की व्यापक जांच करने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट के कार्यान्वयन को और मजबूत करने का आदेश दिया है।
स्वास्थ्य सचिव क्रिस्टीना जेड. चोंथु को मंत्री ने अन्य राज्यों द्वारा अपनाई जा रही नियामक प्रणालियों का अध्ययन करने और तेलंगाना में कार्यान्वयन में सुधार के लिए उपाय सुझाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने को कहा है। यह समिति केंद्रीय कानून के ढांचे के भीतर अतिरिक्त राज्य-स्तरीय नियामक उपायों और दिशा-निर्देशों को शामिल करने की संभावना की भी जांच करेगी। निजी IVF केंद्रों पर निरंतर निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा, ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी को IVF उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के उत्पादन से लेकर बिक्री तक की पूरी सप्लाई चेन की निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
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