पत्नी के गंभीर आरोपों के बाद खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह का तबादला
राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी को तत्काल प्रभाव से पटना पुलिस मुख्यालय बुलाया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:12 · अपडेट दोपहर 3:27 · 5 मिनट का पाठ
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बिहार सरकार द्वारा खगड़िया जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) भानु प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। अपनी पत्नी के साथ विवाद और उनके द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में रहे इस आईपीएस अधिकारी को अब तत्काल प्रभाव से पटना स्थित पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया है। इस तबादले का आदेश गृह विभाग द्वारा बुधवार को जारी किया गया था।
इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत, शिवहर के पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह को अब खगड़िया के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शैलेंद्र सिंह भी 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इसके साथ ही, मुजफ्फरपुर के सिटी पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत मोहम्मद मोहिबुल्ला अंसारी को शिवहर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
यह पूरा मामला भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा सिंह द्वारा की गई शिकायतों से शुरू हुआ। पूजा सिंह ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तथा राज्य महिला आयोग के समक्ष भी अपनी व्यथा रखी। उन्होंने अपने पति पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पूजा सिंह ने बताया कि उनके पति उन्हें उनकी 6 साल की बेटी से बात भी नहीं करने देते हैं, जो इस विवाद का सबसे संवेदनशील पहलू बन गया है।
अपनी मांगें पूरी करवाने और न्याय पाने के लिए पूजा सिंह ने पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था। इसके अलावा, उन्होंने पटना पुलिस मुख्यालय का दौरा करके भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने खगड़िया एसपी के आवास के सामने भी धरना दिया था।
इस मामले में कानूनी कार्यवाही के बारे में बात करते हुए सचिवालय के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर-1 अनु कुमारी ने पीटीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पूजा सिंह की शिकायत मिली है और फिलहाल इसकी जांच चल रही है। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज नहीं की गई है।
दूसरी ओर, बिहार राज्य महिला आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपीएस भानु प्रताप सिंह को समन भेजा है, ताकि वे अपनी पत्नी के आरोपों पर जवाब दे सकें। महिला आयोग ने अपने अधिकारियों को इस शिकायत की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
न्यूज एजेंसी से बातचीत में पूजा सिंह ने अपने वैवाहिक जीवन के अतीत और वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि उनका और भानु प्रताप सिंह का विवाह वर्ष 2016 में हुआ था। उस समय भानु प्रताप सिंह के पास कोई नौकरी नहीं थी और वे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। पूजा सिंह ने उस कठिन समय में उनके साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया था। इसके बाद भानु प्रताप सिंह का चयन भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में हुआ था।
दुख व्यक्त करते हुए पूजा सिंह ने कहा कि जिस रिश्ते की शुरुआत साथ जीवन बिताने के संकल्प के साथ हुई थी, उसमें अब इतनी दूरी आ गई है कि उन्हें अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करनी पड़ी। उन्होंने आगे कहा कि वे इस रिश्ते को तोड़ना नहीं चाहतीं, बल्कि इसे फिर से सुधारना चाहती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे तलाक नहीं चाहती हैं। पूजा सिंह ने रिपोर्टर्स को बताया, "मैं तलाक नहीं चाहती। मेरी इच्छा है कि मैं अपने पति और बेटी के साथ फिर से नई शुरुआत करूं। यदि वे मेरी बात समझने को तैयार हो जाते हैं, तो मैं पुलिस शिकायत वापस लेने के लिए भी तैयार हूं।" उनकी मुख्य मांग है कि उनकी बेटी को माता और पिता दोनों का प्यार और साथ मिले।
इस तबादला प्रक्रिया में भानु प्रताप सिंह के अलावा अन्य अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। एनडीटीवी इंडिया के अनुसार, बिहार सरकार ने कुल पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 बैच की आईपीएस अपराजिता को राज्यपाल का सहायक बनाया गया है। अपराजिता पहले बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16 की कमांडेंट थीं और पटना के पुलिस अधीक्षक (कानून और व्यवस्था) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।
इस सूची में कुमारी ममता कल्याण का नाम भी है, जो पदोन्नत होकर आईपीएस बनी हैं। वे वर्तमान में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-10 की कमांडेंट हैं और उन्हें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16 के कमांडेंट का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके अलावा, बिहार पुलिस सेवा के अधिकारी राज किशोर सिंह को पटना सिटी अनुमंडल पुलिस अधिकारी-1 की जिम्मेदारी से हटाकर सारण छपरा के नगर पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
भानु प्रताप सिंह इस पूरे विवाद पर कोई टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं थे। फिलहाल सरकार द्वारा उन्हें मुख्यालय बुला लिया गया है और पत्नी द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच जारी है।
भानु प्रताप सिंह 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, जो बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे।
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