त्योहारों में कार खरीदने का उत्साह और सोने-चांदी के भाव में भारी उछाल
एक तरफ ग्राहक कार खरीदने को उत्सुक हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिकी चुनाव के नतीजों के असर से कीमती धातुओं के भाव आसमान पर पहुंच गए हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 2:41 · 4 मिनट का पाठ
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त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही भारतीय ग्राहकों के खरीदारी के रुझान और बाजार की स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक, हर तीन में से एक भारतीय ग्राहक त्योहारों के दौरान नई कार खरीदने की सोच रहा है। इन ग्राहकों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लगाव 21 प्रतिशत से बढ़कर 22.8 प्रतिशत हो गया है, जबकि पेट्रोल कार पसंद करने वालों का अनुपात 30 प्रतिशत से बढ़कर 31.3 प्रतिशत पर पहुंच गया है। हालांकि, डीजल कार अभी भी ग्राहकों की पसंद में सबसे पीछे है, जिसका अनुपात केवल 8.8 प्रतिशत ही रहा है।
दूसरी तरफ, सोने और चांदी के भाव में बुधवार को अचानक भारी उछाल देखने को मिला है। लगातार गिरावट के बाद कीमती धातुओं में आई इस तेजी के पीछे अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनाव के नतीजे और डॉलर की कमजोरी मुख्य कारण हैं। इस स्थिति में निवेशकों ने सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने और चांदी में निवेश बढ़ाया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी के लिए सोना 2.21 प्रतिशत यानी 3,088 रुपये बढ़कर 1,42,540 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। इसी तरह, चांदी के भाव में 3.84 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है, जिससे यह 6,902 रुपये बढ़कर 1,86,600 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 3 प्रतिशत बढ़कर 4,043.93 डॉलर प्रति औंस और चांदी 4.5 प्रतिशत बढ़कर 52.03 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।
दिल्ली के स्थानीय बाजार में भी भाव में भारी उछाल देखने को मिला है। ऑल इंडिया बुलियन एसोसिएशन के अनुसार, त्योहारों की खरीदारी और वैश्विक बाजार में आई तेजी के कारण दिल्ली में 99.9 शुद्धता का सोना 4,800 रुपये बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो मंगलवार को 1,41,800 रुपये था। चांदी के भाव में 9,000 रुपये का जंप आया है और यह 1,93,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे अमेरिकी डॉलर का कमजोर पड़ना और बॉन्ड यील्ड में गिरावट जिम्मेदार है। मीरा एसेट शेयरखान के प्रवीण सिंह के मुताबिक, डेमोक्रेट्स की जीत के बाद टेक सेक्टर पर नियामक जांच बढ़ सकती है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल सकती है। गत धनतेरस की तुलना में इस बार भाव में बढ़ोतरी केवल 5-7 प्रतिशत ही है, जबकि गत वर्ष यह 65 प्रतिशत था।
बाजार के विशेषज्ञ अब सोने के लिए 1,40,000 रुपये के सपोर्ट और 1,43,000 से 1,43,700 रुपये के रेजिस्टेंस लेवल पर नजर रख रहे हैं। चांदी के लिए 1,78,000 से 1,80,000 रुपये का सपोर्ट और 1,86,000 से 1,88,000 रुपये का रेजिस्टेंस माना जा रहा है। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने बताया कि निवेशक अब डॉलर, बॉन्ड यील्ड और फेडरल रिजर्व की नीतियों पर नजर रख रहे हैं ताकि पता चल सके कि यह तेजी लंबे समय तक टिक सकेगी या नहीं।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव उस देश की राजनीतिक प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं, जिसमें आमतौर पर राष्ट्रपति के कार्यकाल के मध्य में संसद के दोनों सदनों के लिए मतदान होता है। ये चुनाव अक्सर देश की आर्थिक नीतियों और वैश्विक बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित करते हैं, क्योंकि ये सत्ताधारी दल की लोकप्रियता और आगामी नीतियों के कार्यान्वयन की क्षमता को दर्शाते हैं।
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