कर्नाटक में 99 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने पर सिद्धारमैया का गंभीर आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन का आह्वान किया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, शाम 6:40 · 2 मिनट का पाठ
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद मतदाताओं की संख्या में भारी कमी होने का दावा किया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक में मतदाता सूची में सुधार के बाद 99 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस विवाद को लेकर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है।
सिद्धारमैया ने न केवल मतदाताओं के नाम काटे जाने के संबंध में, बल्कि चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया और उसकी आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। यह विवाद वर्तमान में 'एसआईआर' (SIR) विवाद के रूप में पहचाना जा रहा है, जिसके संदर्भ में उन्होंने एसआईआर को रद्द करने की मांग भी की है।
इन गंभीर आरोपों के बाद कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वे इस मुद्दे पर राज्य के जिला और तालुका स्तर तक आंदोलन चलाएंगे। चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर यह विवाद राज्य की राजनीति में गरमाहट ला रहा है।
इस विवाद में मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और आयोग की पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। सिद्धारमैया के इन दावों और मांगों के बाद अब आने वाले समय में राज्य में राजनीतिक खींचतान बढ़ने की संभावना है, क्योंकि कांग्रेस ने जमीनी स्तर तक यह लड़ाई लड़ने की तैयारी दिखाई है।
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