मतदाता सूची से 26 हिंदुओं के नाम हटाने पर बीएलओ शिक्षक निलंबित
बरेली के मोहम्मदपुर गांव में पूर्व प्रधान के साथ मिलकर की गई इस अनियमितता पर कार्रवाई
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, रात 9:11 · अपडेट रात 9:23 · 3 मिनट का पाठ
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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मतदाता सूची में छेड़छाड़ के एक गंभीर मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शेरगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे सहायक शिक्षक नफीस मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर मतदाता सूची से 26 हिंदू मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाने का गंभीर आरोप है।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मदपुर के वर्तमान प्रधान राहुल गंगवार ने इस पूरे घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि कंपोजिट स्कूल मोहम्मदपुर में तैनात सहायक शिक्षक नफीस मोहम्मद खान को मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। आरोप है कि नफीस मोहम्मद खान ने पूर्व प्रधान के साथ मिलीभगत की और सांप्रदायिक द्वेष तथा बदले की भावना से प्रेरित होकर 26 हिंदू मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि आगामी प्रधानी चुनाव नजदीक होने के कारण एक-एक वोट का महत्व था। इसलिए, कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के इरादे से शिक्षक ने चतुराई से ये नाम हटाए थे। जब गांव के लोगों को इस हेराफेरी का पता चला तो गांव में भारी आक्रोश फैल गया और प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत की गई।
बरेली के जिला मजिस्ट्रेट (DM) अविनाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने इस घटना की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, जिसमें उप-जिलाधिकारी (SDM) और खंड विकास अधिकारी (BDO) को शामिल किया गया था। इस समिति ने पूरे मामले की बारीकी से जांच की।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान बीएलओ नफीस मोहम्मद खान 26 मतदाताओं के नाम काटने के संबंध में कोई भी ठोस सबूत या पुष्टि नहीं दे सके। इसके आधार पर जांच समिति ने उन्हें प्रथम दृष्टया गलत तरीके से नाम हटाने के अपराध में दोषी माना। इस प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा फतेहगंज पश्चिम के खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनसे 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, शिक्षक को निलंबित करने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन इस मामले में विस्तृत जांच अभी भी जारी है।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के मुद्दे पर सवाल उठे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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