अग्निपथ योजना में बदलाव: अग्निवीरों के लिए 6 वर्ष का कार्यकाल और गोरखा भर्ती पर चर्चा
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए दो वर्ष के अतिरिक्त कार्यकाल को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य सेना में प्रतिभा को बनाए रखना है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, रात 10:54 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने अग्निपथ भर्ती योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अग्निवीरों के कार्यकाल में 2 वर्ष की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह निर्णय 2022 की पहली बैच की विदाई से पहले लिया गया है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमण्यम ने इस संबंध में घोषणा की थी कि, 4 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना की सिफारिश और योग्यता के आधार पर अतिरिक्त 2 वर्ष के लिए सेवा में रहने का अवसर दिया जाएगा। यह 6 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद, जो अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करेंगे, उन्हें नियमित सेवा में स्थायी रूप से शामिल किया जाएगा।
इस बदलाव पर विशेषज्ञों और सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। लेफ्टिनेंट जनरल राकेश शर्मा, जो पूर्व एडजुटेंट जनरल और लद्दाख कॉर्प्स कमांडर रह चुके हैं, ने इस निर्णय को बहुत ही साहसिक और मजबूत कदम बताया है और कहा है कि इसमें काफी योग्यता है। लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ढिल्लों, जो रक्षा खुफिया एजेंसी के पूर्व महानिदेशक थे, ने समझाया कि 6 वर्ष तक शीर्ष प्रतिभा को बनाए रखने से एक ऐसी प्रणाली बनेगी जो सेना में तकनीकी रूप से सक्षम नया रक्त लाएगी। रक्षा विशेषज्ञ संदीप उन्नीथ ने इस ढांचे की तुलना ऐतिहासिक 7 वर्ष के सेवा ढांचे से की है और उत्तरी तथा पश्चिमी सीमाओं पर परिचालन संबंधी दबाव के संदर्भ में इसका विश्लेषण किया है।
इस नई नीति के कारण नेपाल के निवासी गोरखाओं की भर्ती फिर से शुरू करने का अवसर भी पैदा हो गया है। पैनल ने भारत और नेपाल के बीच गहरे सभ्यता और सैन्य संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि, इस बदलाव से ऐतिहासिक सैन्य संबंधों और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को संबोधित करने में मदद मिलेगी। यह चर्चा 'इंडिया फर्स्ट' कार्यक्रम में आयोजित की गई थी, जिसमें सेना की तैयारियों और संगठनात्मक लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए एक अल्पकालिक सेवा योजना है, जिसका उद्देश्य सेना में युवाओं को शामिल करना और औसत आयु कम करना है। इस योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिकों को 'अग्निवीर' के रूप में जाना जाता है। पहले इस योजना के तहत 4 वर्ष का कार्यकाल निर्धारित किया गया था, जिसके खिलाफ देश भर में विभिन्न चर्चाएं और विरोध प्रदर्शन भी देखे गए थे। अब इसमें बदलाव करते हुए 6 वर्ष का कार्यकाल शामिल किया गया है, जिसे सेना की दक्षता बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
बिहार के सरकारी स्कूलों में 2026-27 से कक्षा 1 और 2 में क्षेत्रीय भाषाएं आएंगी
मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો