ESIC ने नई क्षमा योजना 2025 की समय सीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई
नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को लंबित मामलों के निपटान के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, सुबह 4:44 · अपडेट सुबह 5:41 · 3 मिनट का पाठ
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कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने 'नई क्षमा योजना, 2025' की अवधि बढ़ाने की घोषणा की है। यह योजना अब 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी, जिससे नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को अपने लंबित मामलों को सुलझाने के लिए अधिक समय मिलेगा। श्रम मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह निर्णय विभिन्न हितधारकों द्वारा दिए गए अभ्यावेदनों की समीक्षा के बाद लिया गया है।
PIB के अनुसार, यह योजना मूल रूप से 01.10.2025 से 30.09.2026 तक चलनी थी। हालांकि, अब इसे मौजूदा शर्तों और नियमों पर ही तीन महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए यानी 01.10.2026 से 31.12.2026 तक बढ़ा दिया गया है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य अदालती मामलों के बैकलॉग को कम करना और पूर्व ESI अधिनियम के तहत नियमों का अनुपालन बढ़ाना है।
'नई क्षमा योजना 2025' विवादों के समाधान के लिए एक एकमुश्त पहल है। यह नियोक्ताओं के लिए ESIC के साथ कानूनी विवादों को अदालत के बाहर समझौते के माध्यम से सुलझाने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा प्रदान करती है। इस योजना के तहत विभिन्न प्रकार की छूट और सुविधाएं दी गई हैं जो विवादों के त्वरित निपटान में सहायक हैं।
PIB अहमदाबाद की रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के तहत एड-हॉक असेसमेंट का समाधान किया जा सकता है। इसमें नियोक्ता वास्तविक अंशदान और ब्याज का भुगतान करके इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं, और इस मामले में कोई हर्जाना (नुकसान) वसूल नहीं किया जाएगा। यह एक व्यावहारिक और नियोक्ता-अनुकूल मार्ग है।
इसके अलावा, जिन मामलों में नियोक्ताओं ने पहले ही बकाया राशि का भुगतान कर दिया है, उन मामलों को वापस लेने का भी प्रावधान है। इसके लिए विवादित हर्जाने के 10% का भुगतान करना होगा। योजना के तहत उन मामलों को भी वापस लिया जा सकता है जो ESIC द्वारा रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने या भुगतान में देरी के कारण दर्ज किए गए थे, लेकिन यदि उन मामलों का बाद में अनुपालन किया गया है, तो अदालत की अनुमति से इन मामलों को वापस लिया जा सकता है।
इस योजना का लाभ उठाने की पात्रता के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि 31.03.2025 तक दर्ज किए गए अदालती मामले इस योजना के तहत पात्र हैं। योजना के विस्तार से पात्र नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को इन लाभों को लेने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। सभी संबंधित हितधारकों को 31.12.2026 को इस विंडो के बंद होने से पहले इस विस्तारित अवधि का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
Business Standard और The Hindu की रिपोर्टों के अनुसार, यह योजना सरकार के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करती है, जिसका उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के साथ-साथ व्यापार करने में आसानी (ease of doing business) को बढ़ाना है। इस योजना के माध्यम से विवादों का अदालत के बाहर समाधान करने से कानूनी प्रक्रियाओं का बोझ कम होगा और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा।
योजना के सभी विवरणों और अधिक जानकारी के लिए ESIC द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर लिंक भी उपलब्ध कराया गया है। इस विस्तार से उन सभी पक्षों को बड़ी राहत मिलेगी जो कानूनी विवादों में फंसे हुए हैं और नियमों का पालन करके मामलों का निपटान करना चाहते हैं।
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