व्यापारी आत्मविश्वास घटा फिर भी नफाकारकता को लेकर कंपनियों में आशावाद
आईएमए इंडिया के सर्वे में आर्थिक दृष्टिकोण कमजोर पड़ा होने की बात सामने आई है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, सुबह 2:00 · 1 मिनट का पाठ
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आईएमए इंडिया द्वारा किए गए तीसरे तिमाही के सर्वे में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि देश में व्यापारी आत्मविश्वास में कमी आ रही है। इस सर्वे के अनुसार व्यापारी अर्थव्यवस्था को लेकर निराशावादी बन गए हैं क्योंकि आर्थिक दृष्टिकोण कमजोर पड़ रहा है। हालांकि इस प्रकार की आर्थिक चिंताओं के बीच भी एक विरोधाभासी चित्र देखने को मिला है जिसमें कंपनियां उनकी अपनी नफाकारकता तथा निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करने के मामले में अधिक आशावादी बन रही हैं।
आईएमए इंडिया के इस सर्वे के निष्कर्ष देश के कॉरपोरेट जगत की मनस्थिति को स्पष्ट करते हैं। एक तरफ जहां पूरी अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता के बादल घिरे हुए हैं और व्यापारी आत्मविश्वास घट रहा है, तो दूसरी तरफ व्यक्तिगत स्तर पर कंपनियां उनके मुनाफे में वृद्धि होने की संभावना देख रही हैं। इसके अलावा कंपनियां आने वाले समय में नया निवेश करने और कर्मचारियों की भर्ती करने के लिए भी सकारात्मक रुख रख रही हैं। इस सर्वे का डेटा दर्शाता है कि व्यापारी व्यापक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर सतर्क होने के बावजूद अपने व्यावसायिक विकास और मुनाफे के मोर्चे पर मजबूत प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हैं।
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