केंद्र सरकार ने बलात्कार और बाल उत्पीड़न के मामलों के लिए 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ऊर्जा संग्रहण योजना और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, दोपहर 3:21 · अपडेट रात 10:01 · 5 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
News18 के रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बलात्कार और बाल उत्पीड़न के मामलों के त्वरित निपटान के लिए 850 नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने के निर्णय की घोषणा की थी। यह निर्णय बुधवार, 4 नवंबर को आयोजित कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान घोषित किया गया था।
मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन प्रस्तावित अदालतों का मुख्य उद्देश्य यौन अपराधों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और उनका निपटान सुनिश्चित करना है। देश में बलात्कार और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत लंबित मामलों को लेकर लगातार चिंता के बीच यह घोषणा की गई है। इन संवेदनशील मामलों में न्याय विलंबित न हो और कानूनी कार्रवाई तेज हो, इसके लिए यह समर्पित न्यायिक व्यवस्था खड़ी की जा रही है।
केंद्र सरकार की यह नई घोषणा देश भर में चल रहे मौजूदा फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स (FTSCs) के अभियान को आगे बढ़ा रही है। पहले 2018 के क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) एक्ट और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के बाद, अक्टूबर 2019 में केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य पीएसओ (POCSO) एक्ट, 2012 और बलात्कार के लंबित मामलों का समयबद्ध निपटान करना है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अप्रैल 2026 तक देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 398 विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट सहित कुल 775 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट कार्यरत थे। इस योजना को पहले 30 सितंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बढ़ाया गया था। हालांकि, मामलों का बड़ा बैकलॉग और न्यायिक कार्रवाई में होने वाला विलंब अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए इन 850 नए कोर्ट्स को मंजूरी दी गई है।
इस बैठक में केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट ही नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 92 GWh की ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज स्कीम को भी मंजूरी दी गई है। मंत्री वैष्णव ने बताया कि भारत ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त की है। यह नई ग्रिड-स्केल ऊर्जा संग्रहण योजना राज्य सरकारों के सहयोग से क्रियान्वित की जाएगी और देश भर में इसका उचित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इससे रिन्यूएबल एनर्जी का संग्रहण करने और इसे बिजली ग्रिड में एकीकृत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बनेगा।
इसके अलावा, कैबिनेट ने क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के तहत महत्वपूर्ण खनिजों के प्रोसेसिंग के लिए योजना को भी मंजूरी दी है। मंत्री वैष्णव ने समझाया कि यह पहल माइनिंग द्वारा प्राप्त किए जाने वाले कच्चे माल के साथ-साथ रीसाइक्लिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी, ताकि इसे मैन्युफैक्चरिंग के लिए उपयुक्त रूप में रूपांतरित किया जा सके। यह कदम घरेलू प्रोसेसिंग क्षमताओं को मजबूत करने और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को समर्थन देने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने डेटाबेस डेवलपमेंट के लिए भी ₹4,000 करोड़ से अधिक के फंड के साथ एक नई योजना को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय के तहत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए विश्वसनीय डेटाबेस तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। मंत्री ने बताया कि कौशल विकास (skill development), सर्वेक्षणों और मूल्यांकन जैसे क्षेत्रों पर इस योजना के तहत विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल सुब्रमुनिया ने अग्निवीरों से संबंधित एक बड़ा निर्णय घोषित किया था। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने ऐसे अग्निवीरों के लिए दूसरे कार्यकाल के रूप में अतिरिक्त दो साल के प्रावधान को मंजूरी दी है, जो अपनी शुरुआती चार साल की मुख़्तियारी (कार्यकाल) के बाद स्थायी रूप से चयनित नहीं हुए हैं।
वर्तमान अग्निपथ भर्ती ढांचे के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में स्थायी रूप से शामिल किया जाता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर चार साल पूरे होने के बाद मुक्त होते हैं। सीडीएस के अनुसार, 2022 में यह योजना शुरू होने के बाद से सरकार अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन कर रही है और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
इस अतिरिक्त दो साल की अवधि के कारण शेष रहे अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में सेवा देने का एक और अवसर मिलेगा। इस अवधि के दौरान उन्हें उच्च पारिश्रमिक और अतिरिक्त 'सेवा निधि' लाभ भी प्राप्त होंगे। सीडीएस ने आगे स्पष्ट किया कि निर्धारित पात्रता और चयन के मानदंडों के अधीन सभी अग्निवीरों को भविष्य में नियमित सैनिक बनने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
इस समाचार का स्रोत
कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँगया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए