सरकार 118 वस्तुओं पर मिलने वाली कस्टम ड्यूटी राहत में करेगी बदलाव
बजट 2027-28 की योजना से पहले विभिन्न मंत्रालयों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया जा रहा है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
3 नवंबर 2026, सुबह 1:58 · अपडेट सुबह 2:05 · 3 मिनट का पाठ
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भारत सरकार वर्तमान में 118 विभिन्न उत्पादों पर दी जाने वाली कस्टम ड्यूटी की छूटों की समीक्षा कर रही है। इन उत्पादों पर मिलने वाली टैक्स राहत अब समाप्त होने जा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार इस पर पुनर्विचार कर रही है। The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, इस समीक्षा प्रक्रिया में संबंधित लाइन मंत्रालयों और उद्योग के हितधारकों से सुझाव और इनपुट लिए जा रहे हैं।
इस समीक्षा प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार करना है। सरकार का लक्ष्य स्थानीय उत्पादन पहलों को और अधिक मजबूत बनाना है, ताकि देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके। इसके लिए कस्टम ड्यूटी के ढांचे में आवश्यक सुधार किए जाएंगे ताकि स्थानीय उद्योगों को टैक्स के असंतुलन के कारण होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सके।
समीक्षा के अधीन उत्पादों की सूची में पावर प्रोजेक्ट्स के लिए आवश्यक सामग्री और कुछ चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में टैक्स ढांचे में बदलाव करने से ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स पर सीधा असर पड़ सकता है। सरकार इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की तैयारी में है।
इस समीक्षा के परिणाम आगामी वर्ष 2027-28 के बजट पर गहरा प्रभाव डालेंगे। बजट में किन वस्तुओं पर कितनी ड्यूटी रहेगी और कौन सी छूट जारी रहेगी या नहीं, इसका आधार वर्तमान में चल रही इस समीक्षा पर निर्भर करेगा। सरकार का प्रयास यह है कि बजट के माध्यम से आर्थिक नीतियों को अधिक स्पष्ट और उत्पादनोन्मुख बनाया जा सके।
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और संबंधित मंत्रालयों के साथ यह चर्चा यह सुनिश्चित करने के लिए है कि टैक्स ढांचे में किए जाने वाले बदलाव व्यावहारिक हों और उनसे देश के आर्थिक विकास को गति मिले। पावर प्रोजेक्ट्स के लिए सामग्री और मेडिकल डिवाइस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करके सरकार उत्पादन क्षेत्र की चुनौतियों को समझने का प्रयास कर रही है।
The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया बजट 2027 के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार द्वारा की जा रही यह समीक्षा केवल टैक्स घटाने या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के उत्पादन ढांचे को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक रणनीतिक कदम है। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर में सुधार करने से कच्चे माल पर कम ड्यूटी और तैयार माल पर उचित ड्यूटी का संतुलन बना रहेगा, जो स्थानीय उत्पादकों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
इस प्रकार, आने वाले समय में सरकार के इस निर्णय से देश के विभिन्न उद्योगों, विशेष रूप से पावर और हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बजट 2027-28 की योजना में इन 118 उत्पादों की स्थिति निर्णायक भूमिका निभाएगी।
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