नितिन गडकरी ने शहर की सड़कों के निर्माण की पद्धति में बदलाव का प्रस्ताव दिया
केंद्रीय मंत्री ने शहरी सड़कों के लिए नेशनल मिशन की मांग की और इंजीनियरों की जवाबदेही पर जोर दिया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 4:52 · 3 मिनट का पाठ
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारत के शहरों में सड़कों के निर्माण की वर्तमान पद्धति में आमूल-चूल परिवर्तन करने की इच्छा व्यक्त की है। हाईवे के निर्माण में सफलता प्राप्त करने के बाद, अब उन्होंने अपना ध्यान शहरी सड़कों के विकास, उनकी गुणवत्ता और उनके निर्माण में शामिल इंजीनियरों की जवाबदेही तय करने पर केंद्रित किया है।
नई दिल्ली में आयोजित 'MARG 2026' कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए नितिन गडकरी ने शहरी सड़कों के लिए एक विशेष 'नेशनल मिशन' शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरों में सड़कों के निर्माण के लिए प्रोजेक्ट की तैयारी बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सड़कों की गुणवत्ता सुधारने के लिए कुशल इंजीनियरों की जरूरत है और काम में खामी पाए जाने पर उनकी जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।
गडकरी ने शहरी परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एकीकृत नियोजन (integrated planning) पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़कों, मेट्रो और रेलवे एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय होना चाहिए, ताकि शहर के परिवहन ढांचे में एकरूपता आए और नागरिकों को यात्रा में आसानी हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलग-अलग विभागों को एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि सड़कों की खुदाई और निर्माण की प्रक्रिया में दोहराव न हो।
इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने शहरी सड़कों के विकास के कुछ सफल मॉडल भी प्रस्तुत किए। उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु और उत्तर प्रदेश में लागू किए गए शहरी सड़क विकास मॉडलों का उल्लेख किया और उन्हें अन्य शहरों के लिए उदाहरण के रूप में पेश किया। उनका उद्देश्य यह है कि जिस तरह राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में गति और गुणवत्ता लाई गई है, उसी तरह शहर की आंतरिक सड़कों के निर्माण में भी पारदर्शिता और उत्कृष्टता लाई जाए।
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गडकरी अब इंजीनियरों के कौशल और प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन के बाद की जवाबदेही (accountability) पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। उनका मानना था कि यदि उचित नियोजन और कुशल मानव संसाधन हो, तो शहरों में ट्रैफिक की समस्या को कम किया जा सकता है और सड़कों का जीवनकाल बढ़ाया जा सकता है। इस नए दृष्टिकोण के माध्यम से सरकार का उद्देश्य शहरी बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाना और सड़कों के निर्माण में होने वाली बर्बादी को रोकना है।
इन प्रस्तावित बदलावों के माध्यम से नितिन गडकरी चाहते हैं कि शहर की सड़कें केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविकता में टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली बनें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर उसके पूरा होने तक की प्रक्रिया में कड़ी निगरानी रखना जरूरी है, ताकि भविष्य में सड़कों पर गड्ढे होने की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
नितिन गडकरी भारत के केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्होंने पहले राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण और परिवहन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सुधार किए थे।
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