इंस्टाग्राम के माध्यम से भारतीय युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए लुभाने की ISI की खतरनाक योजना
खुलासा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI सोशल मीडिया के माध्यम से 18 से 25 वर्ष के युवाओं का ब्रेनवॉश कर रही है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 10:28 · अपडेट शाम 5:46 · 4 मिनट का पाठ
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पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम को आतंकवाद के नए हथियार के रूप में इस्तेमाल किए जाने का गंभीर आरोप लगा है। आज तक और इंडिया टुडे की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे कुछ लोगों द्वारा भारत के युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। यह नेटवर्क विशेष रूप से 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं को निशाना बना रहा है।
इस खतरनाक प्रक्रिया में इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने वाले युवाओं को पहले फॉलो किया जाता है और उसके बाद उनके साथ बातचीत शुरू की जाती है। जांच में पता चला है कि सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क साधने के बाद युवाओं का ब्रेनवॉश किया जाता है और धीरे-धीरे उन्हें विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों के लिए तैयार किया जाता है। इस तरह युवाओं को अपने जाल में फंसाया जाता है।
पंजाब में टारगेट किलिंग की घटनाएं, जालंधर में BSF मुख्यालय पर बम विस्फोट और झारखंड में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला जैसी घटनाएं सामने आई हैं। माना जा रहा है कि इन सभी घटनाओं के पीछे पाकिस्तान में बैठे नेटवर्क की भूमिका है और जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को इस तरह कैसे जोड़ा गया था।
इस पूरे मामले में 17 अगस्त की तारीख अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश के गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत में एक बड़े आतंकवादी हमले की साजिश को विफल कर दिया गया था। अमित शाह के अनुसार, ISI और शहजाद भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ देश के 14 राज्यों में कई एजेंसियों ने एक साथ कार्रवाई की थी। इस अभियान में 200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान से संचालित नेटवर्क और उसके भारतीय संपर्कों की जांच तेज कर दी गई थी।
इसके बाद 16 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक और बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने शहजाद भट्टी के नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया है। इस कदम के बाद यह सवाल खड़े हो गए हैं कि पाकिस्तान में बैठा एक गैंगस्टर भारत में इतना बड़ा नेटवर्क कैसे बना सका और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए कैसे तैयार किया जा रहा था।
जांच से संबंधित इनपुट्स के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी के अलावा आबिद जट्ट, अजमल गुर्जर, राणा हुसैन और हसन गुर्जर के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि ये पांचों व्यक्ति ISI के इशारे पर इंस्टाग्राम के विभिन्न अकाउंटों के माध्यम से भारतीय युवाओं से संपर्क कर रहे थे। शुरुआत में युवाओं की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी और उसके बाद उन्हें मैसेज भेजकर बातचीत शुरू की जाती थी। धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रभाव में लेकर आतंकवादी गतिविधियों के लिए उकसाया जाता था।
इस नेटवर्क के माध्यम से युवाओं को लुभाने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ युवाओं को विदेश में बसने का भरोसा दिया जाता था, तो कुछ को पाकिस्तान में रहने का प्रस्ताव दिया जाता था। कुछ युवाओं को बड़ी रकम और उनके परिवार को आर्थिक मदद का लालच दिया जाता था। इसके अलावा, कुछ लोगों को धार्मिक भावनाओं के माध्यम से भड़काकर अन्य समुदायों के लोगों के खिलाफ नफरत पैदा करने का प्रयास किया जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर शुरू हुई यह बातचीत धीरे-धीरे युवाओं को गंभीर आपराधिक और आतंकवादी गतिविधियों की ओर धकेलने का माध्यम बन रही थी। पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों के इनपुट्स मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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