नवसारी में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के पहले ट्रैक्शन सबस्टेशन का काम आखिरी चरण में
देश की पहली हाईस्पीड ट्रेन के लिए पूरे कॉरिडोर में कुल १४ ट्रैक्शन सबस्टेशन बनाए जा रहे हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, सुबह 12:41 · अपडेट रात 9:42 · 3 मिनट का पाठ
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टीव्ही9 गुजराती के रिपोर्ट के मुताबिक, देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन योजना को बिना रुके बिजली पहुंचाने के लिए पूरे रूट पर कुल १४ ट्रैक्शन सबस्टेशन यानी TSS बैठाए जा रहे हैं। ये सबस्टेशन हाईस्पीड ट्रेन को चलाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगे, जिससे गाड़ी को निरंतर और भरोसेमंद बिजली का जत्था मिलता रहेगा।
ये ट्रैक्शन सबस्टेशन हाईस्पीड रेलवे के बिजली आपूर्ति के ढांचे का मुख्य हिस्सा हैं। ये सबस्टेशन बिजली ग्रिड से बिजली प्राप्त करके उसे जरूरी वोल्टेज में बदलकर ट्रैक्शन पावर सिस्टम तक भेजते हैं, जिससे बुलेट ट्रेन का संचालन हो सके।
कुल ५०८ किलोमीटर लंबे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट के लिए तय किए गए स्थानों पर कुल १४ ट्रैक्शन सबस्टेशन तैयार हो रहे हैं। जिनमें से पांच सबस्टेशन महाराष्ट्र राज्य में मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर और ठाणे डेपो में बनेंगे। जबकि गुजरात राज्य में वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, महेंदाबाद, अहमदाबाद और साबरमती डेपो समेत कुल नौ जगहों पर इन सबस्टेशनों का निर्माण हो रहा है।
गुजरात के नवसारी जिले में आए बिलिमोरा स्थित पहले ट्रैक्शन सबस्टेशन का निर्माण अब लगभग पूरा होने के कगार पर है। इस लगभग १८,००० वर्ग मीटर जितने क्षेत्र में फैले सबस्टेशन में बिजली के प्रसारण से जुड़ा ढांचा बहुत तेजी से तैयार हो रहा है। इस जगह पर अलग-अलग उपकरणों को बैठाने, उसकी जांच और चालू करने की प्रक्रिया चल रही है।
बिलिमोरा के सबस्टेशन के अंदर कंट्रोल पैनल, चेंजओवडर स्विच, ट्रांसफॉर्मर और सर्किट ब्रेकर की इमारत में उपकरण व्यवस्थित करने का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा सभी गेंट्री टावर और बीम लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया है। अभी बाकी बची तकनीकी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गुजरात राज्य में बने इन ट्रैक्शन सबस्टेशनों को गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी GETCO के २२० केवी अंबेठा ग्रिड सबस्टेशन की तरफ से बिजली मिलेगी। इसके बाद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन मार्ग में काम में ली जाने वाली अत्याधुनिक २ गुना २५ केवी ट्रैक्शन पावर सप्लाई सिस्टम के मार्फत वायाडक्ट पर लगाए गए ओवरहेड इक्विपमेंट यानी OHE तक बिजली पहुंचाई जाएगी।
इस बिजली आपूर्ति के पूरे नेटवर्क पर सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल सेंटर द्वारा लगातार रियल-टाइम निगरानी रखी जाएगी। यह आधुनिक बिजली व्यवस्था बुलेट ट्रेन के सुरक्षित, अच्छे और निरंतर संचालन में बहुत उपयोगी साबित होगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बिजली से जुड़ी यह गतिविधि पूरी होने से देश की पहली हाईस्पीड रेलवे सेवा को एक और बड़ा तकनीकी समर्थन मिल रहेगा।
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