दिनेश विठ्ठलराव गनवीर जीएसआई के ५५वें डायरेक्टर जनरल के रूप में कार्यभार संभालेंगे
खनिज सुरक्षा और वैज्ञानिक उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित करने के साथ नवनियुक्त डायरेक्टर जनरल ने लक्ष्य घोषित किए
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, शाम 7:38 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
भारत सरकार के खान मंत्रालय से जुड़ी संस्था जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के ५५वें डायरेक्टर जनरल के रूप में श्री दिनेश विठ्ठलराव गनवीर ने कार्यभार संभाल लिया है। PIB दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार, श्री गनवीर के पास भूवैज्ञानिक जांच, खनिज अन्वेषण, इंजीनियरिंग जियोलॉजी और संस्थागत नेतृत्व के क्षेत्र में ३२ वर्ष से अधिक का व्यापक अनुभव है।
श्री गनवीर ने १ जुलाई १९९४ को नागपुर की RTMU यूनिवर्सिटी से भूविज्ञान में मास्टर्स की डिग्री पूरी करने के बाद जीएसआई में जुड़ाई की थी। अपने करियर के दौरान उन्होंने जीएसआई के मध्य क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और उत्तर क्षेत्र में विभिन्न वैज्ञानिक, तकनीकी और प्रशासनिक पदों पर सेवा दी है। डायरेक्टर जनरल का कार्यभार संभालने से पहले वे नागपुर स्थित मध्य क्षेत्र के विभाग के प्रमुख और अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल के रूप में सेवा दे रहे थे, साथ ही वे नेशनल मिशन हेड-II का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।
उनके कार्यकाल के दौरान भूवैज्ञानिक मैपिंग, खनिज अन्वेषण और इंजीनियरिंग जियोलॉजी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। उन्होंने वेस्टर्न बस्तर क्रॉटन में थीमैटिक मैपिंग, महाराष्ट्र के साकोली फोल्ड बेल्ट में सोने और हीरे के अन्वेषण के साथ-साथ यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स भीमबेटका रॉक शेल्टर और एलोरा गुफाओं के संरक्षण से जुड़े भूवैज्ञानिक अध्ययनों में काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने इंडिया-पेरु जॉइंट वर्किंग ग्रुप, रूस-इंडिया माइनिंग सब-ग्रुप और ऑस्ट्रेलिया में IMARC २०२२ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जीएसआई का प्रतिनिधित्व किया है।
नेशनल मिशन हेड-II के रूप में, श्री गनवीर बहुविध क्षेत्रीय कार्यक्रमों के आयोजन और निगरानी के साथ देश भर में खनिज अन्वेषण के कार्यों से जुड़े थे। हाल ही में उन्होंने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण में पांच गुना वृद्धि करने में नेतृत्व प्रदान किया था। उन्होंने खनिज नीलामी प्रक्रिया के लिए भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और एक्सप्लोरेशन ब्लॉक तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके कार्यकाल के दौरान ३५९ भूवैज्ञानिक रिपोर्ट और ३७७ भूवैज्ञानिक मेमोरेंडम सौंपे गए थे। इनमें से २०२ ब्लॉक महत्वपूर्ण खनिजों के थे, जिनमें से ४० ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है। इसके अलावा, एक्सप्लोरेशन लाइसेंस (EL) के तहत ५६ ब्लॉक सौंपे गए थे, जिनमें से ट्रेंच I और II के तहत ११ ब्लॉकों की नीलामी हुई है।
नए डायरेक्टर जनरल के रूप में पदभार संभालते हुए श्री गनवीर ने जीएसआई के काम की वैज्ञानिक गहराई और राष्ट्रीय प्रभाव बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया है। उनकी मुख्य प्राथमिकता संकलित भूवैज्ञानिक जांच, उन्नत खनिज प्रॉस्पेक्टिविटी मैपिंग और वैज्ञानिक रूप से मजबूत खनिज ब्लॉकों के निर्माण के माध्यम से महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण को गति देना है। इन प्रयासों का उद्देश्य देश की खनिज सुरक्षा मजबूत करना, आयात पर निर्भरता घटाना और आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाना है।
उन्होंने क्षेत्र आधारित जांच के साथ उभरती हुई तकनीक और उन्नत डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। आधुनिक भूवैज्ञानिक उपकरणों और पद्धतियों के एकीकरण से अन्वेषण की सटीकता और कार्यक्षमता में सुधार होने की अपेक्षा है। लेबोरेटरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना, विश्लेषणात्मक क्षमताओं में वृद्धि करना और ऑफशोर अन्वेषण भी उनके ध्यान केंद्रित करने के मुख्य क्षेत्र रहेंगे।
खनिज अन्वेषण के साथ-साथ, जीएसआई आधारभूत भूवैज्ञानिक अनुसंधान, भूस्खलन शुरुआती चेतावनी, ग्लेशियर और क्रायोस्फेरिक अध्ययन, बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और जोखिम आकलन में अपना योगदान मजबूत करना जारी रखेगा। ये क्षेत्र नीति निर्धारण, इंफ्रास्ट्रक्चर योजना, आपदा प्रबंधन और सतत विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। संस्थागत विकास के लिए उन्होंने वैज्ञानिक कर्मचारियों को सशक्त बनाने, नवीनता को प्रोत्साहन देने, योग्यता और कार्यक्षमता की मान्यता देने के साथ-साथ नेशनल मिशन, क्षेत्रीय कार्यालयों और राज्य इकाइयों के बीच समन्वय मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला था।
श्री गनवीर के नेतृत्व में, जीएसआई वैज्ञानिक श्रेष्ठता, नवीनता और सहयोग पर ध्यान केंद्रित करके भारत का खनिज संसाधन आधार मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को समर्थन देने और विकसित भारत २०४७ के राष्ट्रीय विजन में योगदान देने के लिए कार्य करेगा।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए