16 वर्षीय किशोर की हत्या के आरोपी ने जमानत के बाद बाइक रैली के साथ मनाया जश्न
जेल के बाहर फूलहारों से हुआ स्वागत; वाहन पर बैठकर सिगरेट पीते आरोपी का वीडियो वायरल
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, रात 8:24 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
16 वर्षीय किशोर की हत्या के आरोप में जेल में बंद एक व्यक्ति ने जमानत पर रिहा होने के बाद भव्य जश्न मनाया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मन सिंह उर्फ बेटू सिंगरोल नाम का यह आरोपी हाल ही में जमानत पर छूटा था। जेल के बाहर उसकी रिहाई पर फूलहारों से स्वागत किया गया और उसके बाद उसने एक बाइक रैली में भाग लिया।
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें आरोपी एक वाहन के ऊपर बैठकर सिगरेट पीता हुआ दिखाई दे रहा है। इस रैली के दौरान गाने बजाए गए और भारी उत्साह देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद अब अधिकारियों द्वारा इस कार्यक्रम के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दे पर जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, अन्य कानूनी कार्यवाही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला उनकी बहू और पूर्व मॉडल-अभिनेत्री त्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकल पीठ ने 26 अक्टूबर को दलीलें सुनने के बाद यह निर्णय लिया था, जिसका 23 पन्नों का आदेश बुधवार देर रात अपलोड किया गया था।
आज तक और एनडीटीवी की रिपोर्टों के अनुसार, त्विशा शर्मा 12 मई 2026 की रात अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं, जिसके बाद एम्स भोपाल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था। दिल्ली एम्स के मेडिकल बोर्ड सहित दो पोस्टमॉर्टम रिपोर्टों में मृत्यु का कारण गला घोंटना (एंटी-मॉर्टम हैंगिंग) बताया गया है। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 64 वर्षीय गिरिबाला सिंह पर बहू को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और दहेज मांगने का आरोप है। दावा किया गया है कि त्विशा पर लगातार नजर रखी जाती थी और उनके पेशेवर बैकग्राउंड को लेकर उन्हें परेशान किया जाता था। अप्रैल 2026 में मेडिकल गर्भपात के बाद तनाव और बढ़ गया था। इसके अलावा, पति समर्थ सिंह की नशीले पदार्थों की लत और घरेलू विवादों के बाद उनके द्वारा मारपीट के आरोप भी हैं। समर्थ सिंह पर यह आरोप भी है कि उन्होंने त्विशा पर अपने इक्विटी निवेश को विदेशी फाइनेंशियल प्लान में ट्रांसफर करने के लिए दबाव डाला था।
अदालत ने नोट किया कि व्हाट्सएप चैट से त्विशा के गंभीर मानसिक तनाव और घुटन की स्थिति का पता चलता है। सीबीआई और राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया, जिसमें तर्क दिया गया कि आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया और सबूत मिटाने के प्रयास किए। अदालत ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, व्हाट्सएप मैसेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य फोरेंसिक रिपोर्टों की जांच अभी बाकी है, इसलिए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं है।
इस मामले की पृष्ठभूमि देखें तो, त्विशा शर्मा ने 9 दिसंबर 2025 को ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए मिले वकील समर्थ सिंह से शादी की थी। शुरुआत में भोपाल जिला अदालत ने 14 मई को गिरिबाला सिंह को जमानत दी थी, लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे रद्द कर दिया, जिसके बाद सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे को गिरफ्तार किया था।
एक अलग मामले में, 1992 के जेजे अस्पताल शूटआउट केस में मोहम्मद फारूक यासीन मंसूर (65) की चौथी जमानत याचिका विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, मंसूर पिछले 8 वर्षों से हिरासत में हैं। इस मामले में दाऊद इब्राहिम गैंग के सदस्यों ने अस्पताल में घुसकर गैंगस्टर शैलेश हलदनकर, एक अन्य मरीज और दो पुलिसकर्मियों की हत्या की थी। मंसूर पर आरोपियों को शरण देने और भागने में मदद करने का आरोप है। अदालत ने त्वरित सुनवाई के लिए हर सोमवार और मंगलवार को मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया है।
RBI દ્વારા ૨૦૨૫-૨૬ના વિદેશી જવાબદારીઓ અને અસ્કયામતોના કામચલાઉ પરિણામો જાહેર
ભારતીય સંસ્થાઓના સીધા રોકાણ સંબંધિત વાર્ષિક સેન્સસના આંકડા બહાર પાડવામાં આવ્યા
ન્યુઝીલેન્ડ સામે ટેસ્ટ શ્રેણી પૂર્વે બુમરાહ અને જાડેજા ઈન્ડિયા એ ટીમમાં સામેલ થશે
લિંકન ખાતે શનિવારથી શરૂ થતી ન્યુઝીલેન્ડ એ સામેની અંતિમ ચાર-દિવસીય મેચમાં દિગ્ગજ ખેલાડીઓ રમશે
NHAI ने चार लेन और उससे अधिक चौड़े राजमार्गों के लिए बैरियर-लेस टोलिंग गाइडलाइन्स जारी कीं
नई तकनीक के माध्यम से वाहनों को टोल बूथ पर रोके बिना ही टोल संग्रह किया जाएगा