वानपर्थी की महिलाओं को मिला 'जापा केयर' का प्रशिक्षण, रोजगार के नए अवसरों का सृजन
तेलंगाना के वानपर्थी में 36 महिलाओं को नवजात शिशु और माता की देखभाल के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, रात 9:27 · अपडेट रात 9:37 · 3 मिनट का पाठ
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तेलंगाना के वानपर्थी जिले में ग्रामीण महिलाओं के लिए एक अभिनव पहल शुरू की गई है, जिसमें उन्हें 'जापा केयर' यानी प्रसव के बाद माता और नवजात शिशु की देखभाल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण का आयोजन वानपर्थी स्थित रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (RSETI) द्वारा किया गया था। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 36 महिलाओं के पहले बैच को हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में ₹20,000 के मासिक वेतन पर नौकरियां भी मिल गई हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कामकाजी जोड़ों की जरूरतों को पूरा करना है, जहां परिवार से दूर रहने वाले लोगों के लिए देखभाल करने वालों की कमी बनी हुई है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक 20 दिनों के लिए आयोजित किया गया था। इस अवधि के दौरान महिलाओं को नवजात शिशु की देखभाल, माता के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सहायता, स्वच्छता, पौष्टिक आहार तैयार करने की विधियों, संवाद कौशल, ग्राहक संबंधों और वित्तीय साक्षरता जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया। 'द हिंदू' की रिपोर्ट के अनुसार, वानपर्थी के जिला कलेक्टर आदर्श सुरभि ने बताया कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव से इस सेवा की मांग को पहचाना था।
सामान्यतः RSETI के पाठ्यक्रमों में 'जापा केयर' शामिल नहीं होता है, इसलिए UBI RSETI वानपर्थी ने इसके लिए नाबार्ड (NABARD) से विशेष सहायता मांगी थी। नाबार्ड ने अपने 'लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज डेवलपमेंट प्रोग्राम' (LEDP) के तहत ₹6.9 लाख का अनुदान मंजूर किया था। जिला प्रशासन के अनुसार, वानपर्थी की यह संस्था संभवतः देश की पहली ऐसी संस्था है जिसने इस प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह विषय अज्ञात होने के कारण, जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA) और स्थानीय मीडिया की मदद से जागरूकता लाई गई थी।
प्रशिक्षण देने के लिए वानपर्थी के सरकारी नर्सिंग कॉलेज के संकाय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा, सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों द्वारा अतिथि व्याख्यान दिए गए। व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए नर्सिंग कॉलेज में सत्र आयोजित किए गए और गोपालपेट के मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल तथा वानपर्थी के सरकारी जनरल अस्पताल के दौरों का आयोजन किया गया। आहार विशेषज्ञों ने महिलाओं को प्रसव के बाद के छह से सात हफ्तों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया। UBI-RSETI के निदेशक बी. अनिल कुमार ने बताया कि इस सफलता के बाद कई अन्य महिलाओं ने भी यह प्रशिक्षण लेने में रुचि दिखाई है।
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