८०,००० करोड़ के सट्टे घोटाले में ओमान से मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया
सीबीआई की टीम ने ओमान में रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी की, रायपुर कोर्ट में पेश करेगी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
1 नवंबर 2026, रात 8:12 · अपडेट शाम 5:44 · 3 मिनट का पाठ
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८०,००० करोड़ रुपये के विशाल सट्टे घोटाले से जुड़े महादेव ऑनलाइन सट्टे ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को सीबीआई ने ओमान से पकड़कर भारत लाने में सफलता हासिल की है। दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई की टीम ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर ओमान में उसकी गिरफ्तारी की थी और अब उसे रायपुर की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीबीआई के अनुसार, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसके आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे दबोच लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने भारत सरकार के माध्यम से सौरभ के प्रत्यर्पन के लिए ओमान को औपचारिक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में आरोपी के खिलाफ एकत्रित किए गए सबूत भी शामिल किए गए थे। भारत सरकार की एजेंसियों, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली थी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीबीआई की टीम मस्कट पहुंची थी और सौरभ को भारत लाया गया था।
महादेव सट्टे ऐप से जुड़े विभिन्न मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले में संबंधित १३ एफआईआर जांच के लिए सीबीआई को सौंपी थी। इसके अलावा, ईडी के मामले में भी उसके खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की गई है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि महादेव ऑनलाइन बुक देश के बड़े गैरकानूनी ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क का हिस्सा था, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था।
इस नेटवर्क को चलाने के लिए देश भर में फ्रेंचाइजी की तरह पैनल और ब्रांच बनाई गई थी। इन ब्रांचों के जरिए लोगों को सट्टे से जोड़ा जाता था और उनसे राशि जमा कराई जाती थी। जांच एजेंसी के अनुसार, सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम कई बैंक खातों में जमा की जाती थी। इन खातों के जरिए अलग-अलग लेनदेन करके राशि छुपाई जाती थी और उसके बाद हवाला के माध्यम से विदेश भेजी जाती थी। सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क को बिना किसी रुकावट के चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को घूस दी जाती थी।
सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, आईपीसी की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिबंध) अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। दूसरी ओर, ईडी ने भारत और विदेश में कई संपत्तियां जब्त की हैं। सीबीआई के अनुसार, भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर का मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर ले जाया जाएगा। २ नवंबर के दिन उसे रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
इस दौरान, सौरभ चंद्राकर के एक फर्जी इंडोनेशियन पासपोर्ट का मुद्दा भी सामने आया है। दैनिक भास्कर के रिपोर्ट के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर पर आरोप है कि उसने फर्जी इंडोनेशियन पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश पाया था। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के दौरान दैनिक भास्कर के हाथ में उसके कथित फर्जी पासपोर्ट के फोटो और दस्तावेज लगे हैं। इस पासपोर्ट में फोटो उसका खुद का है, लेकिन नाम श्रीलंकाई क्रिकेटर का है और जन्मतिथि भी अलग है।
इस समाचार का स्रोत
- The Times of India
- दैनिक भास्कर
- The Hindu
- એબીપી અસ્મિતા
- अमर उजाला
- The Times of India
- Hindustan Times
- अमर उजाला
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