फ्रांस के क्रेडिट म्युट्युएल अर्केआ बैंक पर साइबर हमला, करोड़ों की चोरी की आशंका
थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर के प्लेटफॉर्म के जरिए सिस्टम में घुसकर बैंक के अपने खातों से ट्रांसफर किए गए पैसे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, रात 8:24 · अपडेट रात 8:39 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
फ्रांस के सबसे बड़े सहकारी बैंकिंग समूहों में से एक क्रेडिट म्युट्युएल अर्केआ पर हुए साइबर हमले ने वित्तीय क्षेत्र में थर्ड-पार्टी सर्विस प्रोवाइडर्स द्वारा उत्पन्न जोखिमों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। 4 नवंबर को सार्वजनिक की गई इस घटना के बाद वित्तीय नियामकों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना इस वर्ष यूरोप की सबसे बड़ी बैंकिंग साइबर घटनाओं में से एक हो सकती है।
क्रेडिट म्युट्युएल अर्केआ द्वारा जारी आधिकारिक बयानों के अनुसार, साइबर अपराधियों ने एक बाहरी सेवा प्रदाता के प्लेटफॉर्म के माध्यम से बैंक के परिवेश में प्रवेश किया था। बैंक ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और उद्योग मंचों पर फैल रही कुछ रिपोर्टों के विपरीत, यह हमला उसकी ऑनलाइन बैंकिंग सहायक कंपनी फॉर्च्यूनियो (Fortuneo) के माध्यम से नहीं हुआ है।
जांच में पता चला है कि बैंक के सिस्टम में प्रवेश करने के बाद, हमलावरों ने बैंक के अपने ही खातों का उपयोग करके अन्य वित्तीय संस्थानों में अनधिकृत ट्रांसफर किए थे। जांचकर्ता अब इस बात का मूल्यांकन कर रहे हैं कि हमलावरों ने विश्वसनीय प्रणालियों के माध्यम से कैसे प्रगति की और वित्तीय लेनदेन शुरू करने के लिए आवश्यक एक्सेस कैसे प्राप्त किया।
वित्तीय नुकसान के पैमाने की जांच अभी जारी है। स्वतंत्र ब्लॉकचेन जांचकर्ता ZachXBT की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग €118 मिलियन (लगभग $133 मिलियन) की चोरी हुई हो सकती है। माना जा रहा है कि यह राशि कई खातों के माध्यम से ट्रांसफर की गई और इसकी आवाजाही छिपाने के लिए संभवतः क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म पर भेजी गई। हालांकि, बैंक ने सटीक राशि की पुष्टि नहीं की है और बताया है कि रिकवरी के प्रयास जारी हैं।
बैंक ने घोषणा की है कि इस घटना से ग्राहकों के खातों, बचत या संपत्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। धोखाधड़ी वाले ट्रांसफर रिटेल या कॉर्पोरेट ग्राहकों के खातों के बजाय बैंक के अपने खातों का उपयोग करके किए गए थे, जिससे फ्रांस भर के लाखों ग्राहकों ने राहत महसूस की है।
बैंक ने पुष्टि की है कि उसकी सुरक्षा निगरानी प्रणालियों द्वारा संदिग्ध गतिविधि पकड़ी गई थी, जिसके कारण संकट प्रबंधन प्रक्रियाओं और तत्काल नियंत्रण उपायों को लागू किया गया था। जांच के दौरान और नियंत्रण मजबूत करने के लिए कुछ लेनदेन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिए गए थे। कम समय में अधिकांश परिचालन फिर से शुरू हो गए थे, हालांकि कुछ ग्राहकों को ट्रांसफर में देरी का अनुभव हुआ।
साइबर सुरक्षा पेशेवर इस हमले को 'सप्लाई-चेन कॉम्प्रोमाइज' का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानते हैं। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने सीधे वित्तीय संस्थान पर हमला करने के बजाय एक विश्वसनीय थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर की कमजोरियों का लाभ उठाया और फिर बैंक तक पहुंचे। उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना बैंकों के लिए महत्वपूर्ण सबक सिखाती है, जिसमें आपूर्तिकर्ता सुरक्षा के निरंतर मूल्यांकन, सख्त प्रिविलेज्ड-एक्सेस प्रबंधन और उच्च-मूल्य वाले लेनदेन पर नजर रखने के लिए बिहेवियरल एनालिटिक्स के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
AI द्वारा सीईओ की आवाज और चेहरा बदलकर 129 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी
तीन व्यक्तियों ने वैश्विक कंपनियों को निशाना बनाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए करोड़ों डॉलर लूटे
यूनिलीवर पाकिस्तान और अफ्रीका में भारत की बिजनेस रणनीति लागू करेगा
कंपनी भारत की वितरण व्यवस्था और कैटेगरी-बिल्डिंग मॉडल के जरिए अन्य बाजारों में वृद्धि हासिल करेगी
OpenAI ने साइबर सुरक्षा अनुसंधान के लिए GPT-6 Cyber मॉडल लॉन्च किया
सॉफ्टवेयर की खामियों को खोजने और एक्सप्लॉइट विकसित करने के लिए यह एक विशेष AI मॉडल है