यूनिलीवर पाकिस्तान और अफ्रीका में भारत की बिजनेस रणनीति लागू करेगा
कंपनी भारत की वितरण व्यवस्था और कैटेगरी-बिल्डिंग मॉडल के जरिए अन्य बाजारों में वृद्धि हासिल करेगी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 1:09 · 3 मिनट का पाठ
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वैश्विक कंज्यूमर गुड्स कंपनी यूनिलीवर ने अपने विकास को गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूनिलीवर अब भारत के लिए अपनाई गई अपनी सफल बिजनेस रणनीति को पाकिस्तान, अफ्रीका, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे बाजारों में लागू करने जा रही है। कंपनी का उद्देश्य भारत की सफलता के ब्लूप्रिंट का उपयोग करके इन देशों में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
यूनिलीवर विशेष रूप से भारत के वितरण नेटवर्क (distribution network) की क्षमता को अन्य देशों में पुन: स्थापित करना चाहता है। भारत में कंपनी ने जिस तरह से छोटे और बड़े सभी स्तरों पर उत्पादों को पहुँचाया है, उसी मॉडल को अफ्रीका और दक्षिण एशिया के अन्य देशों में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी अपनी 'कैटेगरी-बिल्डिंग' रणनीति पर भी ध्यान केंद्रित करेगी, जिसके माध्यम से नए उत्पाद विभाग बनाकर ग्राहकों को आकर्षित किया जा सके।
कंपनी की इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि वह विभिन्न आय समूहों के ग्राहकों को कैसे सेवा दी जा सकती है, यह कला भारतीय बाजार से सीखकर अन्य बाजारों में उतारे। भारत जैसे विविधतापूर्ण बाजार में यूनिलीवर ने हर आर्थिक स्तर के ग्राहकों के लिए उत्पाद उपलब्ध कराए हैं, और अब इसी दृष्टिकोण को पाकिस्तान, बांग्लादेश, वियतनाम और अफ्रीका के देशों में लागू किया जाएगा, जहाँ बाजार में अभी भी कई अवसर शेष हैं और पैठ कम है।
इस रणनीति के पीछे मुख्य कारण यूनिलीवर के कुल व्यवसाय में भारत का महत्व है। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिलीवर के कुल राजस्व में भारत का योगदान 6.3 अरब डॉलर है। यह राशि कंपनी के कुल वैश्विक राजस्व का लगभग 16% है। भारत की इस उल्लेखनीय सफलता और राजस्व को देखते हुए, कंपनी ने तय किया है कि जिस मॉडल ने भारत में काम किया है, वही मॉडल अन्य विकासशील बाजारों में भी सफल हो सकता है।
यूनिलीवर का मानना है कि अफ्रीका, वियतनाम, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे बाजारों में ग्राहकों की जरूरतें और बाजार की स्थिति भारत से काफी समानता रखती है। इसलिए, यदि भारत की वितरण पद्धति और ग्राहकों को आय के अनुसार उत्पाद प्रदान करने की क्षमता वहां लागू की जाती है, तो कंपनी की विकास दर में बड़ी उछाल आ सकती है। इस रणनीति के माध्यम से कंपनी का लक्ष्य इन देशों में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाना और नए ग्राहकों तक पहुँचना है।
कंपनी अब अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑपरेशन्स को अधिक कुशल बनाने के लिए भारतीय मॉडल के कार्यान्वयन पर ध्यान देगी। इस प्रक्रिया में स्थानीय बाजारों की जरूरतों के अनुसार बदलाव किए जाएंगे, लेकिन मूल ढांचा भारत की सफलता पर आधारित रहेगा। इस तरह, यूनिलीवर अपने वैश्विक पोर्टफोलियो को और मजबूत करने के लिए भारत को एक केंद्र बिंदु के रूप में देख रही है।
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