हैदराबाद में नकली नोट बनाने वाली गैंग का पकड़ा जाना और ₹6.78 करोड़ की जब्ती
YouTube से नकली नोट बनाना सीखे थे आरोपी और पुलिस बनकर लोगों को लूटते थे
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
4 नवंबर 2026, दोपहर 3:14 · 3 मिनट का पाठ
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हैदराबाद की फ्यूचर सिटी कमिश्नरेट पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुंतलूर के बाहरी इलाके में चल रहे नकली करेंसी छापने वाले गैंग का सफाया कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार शख्शों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से कुल ₹6.78 करोड़ की कीमत के नकली नोट जब्त किए हैं। इस पूरी घटना की शुरुआत 1 नवंबर के दिन हुई थी जब अब्दुल्लापुरमेट पुलिस और शादानगर स्पेशल ऑपरेशंस टीम (SOT) द्वारा नेशनल हाईवे 65 पर रामोजी फिल्म सिटी के पास एक कार को रोका गया था।
इस कार से पुलिस को ₹500 के नकली नोट मिले थे जिनकी कुल कीमत ₹8 लाख थी। इस समय कार में सवार चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जब पुलिस ने और अधिक जांच की तो कुंतलूर के एक किराए के मकान में नकली करेंसी छापने की एक पूरी यूनिट चल रही होने का खुलासा हुआ था। इस मकान से ₹500 के नकली नोटों के 134 बंडल मिले थे जिनकी अनुमानित कीमत ₹6.70 करोड़ जितनी होती है। इसके अलावा पुलिस ने रंगीन प्रिंटर, स्कैनर, लैपटॉप, लेमिनेशन मशीन और नोटों को काटने के उपकरण भी जब्त किए हैं।
पुलिस कमिश्नर डॉ. तरुण जोशी ने बताया था कि इस गैंग का मुख्य आरोपी मधुपोजू करुणाकर है। उसने YouTube वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट देखकर नकली करेंसी बनाने की पद्धति सीखी थी। करुणाकर ने असली ₹500 के नोटों को स्कैन किया था और फोटोशॉप जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करके उसकी इमेज में फेरबदल करके नकली नोट छापे थे।
जांच के दौरान ऐसा भी सामने आया है कि यह गैंग लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए पुलिस के नकली पहचान पत्रों का उपयोग करती थी। इस गैंग की योजना असली नोटों के बदले में नकली नोट चलाने की थी। वे लोगों को लालच देते थे कि वे ₹1 लाख के बदले में ₹3 से ₹4 लाख के नकली नोट देंगे। जब उनकी यह पहली योजना विफल हो गई तब आरोपियों ने धोखाधड़ी करने का दूसरा तरीका अपनाया था।
आरोपी खरीदारों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें असली नोट दिखाते थे और उसके बाद झूठे पहचान पत्रों, वॉकी-टॉकी, नकली पिस्तौल और गलत नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का उपयोग करके खुद को पुलिसकर्मी के रूप में पेश करते थे। वे खरीदारों को डराते-धमकाते थे और उनके असली पैसे लेकर भाग जाते थे। इस गैंग द्वारा की गई दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों को क्रमशः ₹2 लाख और ₹3 लाख का चूना लगाया गया था।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मधुपोजू करुणाकर, चिनोला माणिक्य रेड्डी, चेरुकुपल्ली रत्नाकर रेड्डी और करनम अजय कुमार के रूप में की है। इस केस में अन्य तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. तरुण जोशी ने आगे बताया था कि यह ऑपरेशन अब्दुल्लापुरमेट पुलिस और शादानगर SOT द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया था।
फिलहाल पुलिस द्वारा फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही इस रैकेट के दायरे को समझने और नकली करेंसी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच भी जारी रखी गई है।
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