सऊदी बलों द्वारा हुथी नियंत्रित होदैदाह के मुख्य बंदरगाह और तेल सुविधा पर हमला
सऊदी आधिपत्य वाले गठबंधन के इस हमले में सात नागरिक घायल हुए हैं और हुथी गुट ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है, ऐसा एनडीटीवी की रिपोर्ट में बताया गया है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, शाम 5:09 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के होदैदाह प्रांत में स्थित लाल सागर के एक मुख्य बंदरगाह और तेल सुविधा को निशाना बनाकर सऊदी हमले किए गए हैं, जिसमें ७ लोग घायल हुए हैं। दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक ऐसे यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करने वाली सऊदी आधिपत्य वाली गठबंधन सेना के खिलाफ ईरान समर्थित हुथी गुट लड़ रहा है।
हुथी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अलासबाही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी थी कि सऊदी गठबंधन द्वारा किए गए हमलों में रास इसा बंदरगाह पर ४ नागरिक घायल हुए थे, जबकि बाजिल जिले में स्थित एक तेल इकाई पर हुए हमले में और ३ लोग घायल हुए थे। प्रवक्ता अनीस अलासबाही ने बताया था कि तेल सुविधाओं और महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर ये बार-बार के हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं और नागरिकों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा सुविधाओं को निशाना बनाते हुए यमन के युद्ध अपराधों की श्रेणी में वृद्धि करते हैं।
इससे पहले, हुथियों की अल-मसीराह टीवी चैनल ने बताया था कि सऊदी अरब ने रास इसा बंदरगाह पर एक पियर और कमर्शियल जहाज पर हमला किया था। होदैदाह में हुथी नियंत्रण के तहत सबसे बड़ा समुद्री बंदरगाह स्थित है, जो उनके द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए एक मुख्य प्रवेश द्वार है। शहर के उत्तर में स्थित रास इसा बंदरगाह तेल का आयात और भंडारण करने के उद्देश्य से भी उपयोग में लाया जाता है।
हुथी मीडिया द्वारा ऐसा भी रिपोर्ट दिया गया था कि रविवार के दिन समान प्रांत में स्थित होदैदाह यूनिवर्सिटी की मेडिसिन फैकल्टी को निशाना बनाकर भी हमले किए गए थे, जबकि दो स्थानीय निवासियों ने एएफपी को बताया था कि उन्होंने इस क्षेत्र में एक विस्फोट की आवाज सुनी थी। दूसरी ओर, सऊदी आधिपत्य वाले गठबंधन ने बताया था कि उसने हुथियों द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले महत्वपूर्ण संसाधनों को निष्क्रिय करने के लिए सटीक ऑपरेशन को अंजाम दिया है।
यमन के गृहयुद्ध में वर्ष २०२२ में हुआ एक नाजुक युद्धविराम जुलाई महीने में टूट गया था, जब हुथियों ने यमन के हवाई क्षेत्र पर सऊदी नियंत्रण की उपेक्षा करके राजधानी सना में एक ईरानी विमान को उतरने की अनुमति दी थी, जिसकी वजह से हमलों का दौर शुरू हुआ था। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार, यमन में फिर से लड़ाई भीषण होने के बाद से अब तक १६०० से अधिक लोग मारे गए हैं और ३००,००० से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद तेहरान में उग्र विरोध
ईरानियों ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के विशाल पोस्टरों को जलाकर बदले की मांग की
हांगकांग के लोकतंत्र कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को विदेशी मिलीभगत के लिए 10 साल की जेल
नेशनल सिक्योरिटी लॉ के तहत दूसरी बार दोषी ठहराए गए 30 वर्षीय कार्यकर्ता को सजा
दक्षिण अफ्रीका में स्थानीय चुनाव: भ्रष्टाचार और खराब सेवाओं के बीच ANC के सामने चुनौती
खराब सार्वजनिक सेवाओं और बढ़ती अपराध दर के कारण अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस के समर्थन में बड़ी गिरावट की संभावना