हैदराबाद की मैनेज (MANAGE) संस्था कृषि क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मान्यता प्राप्त
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने तीन वर्षों के लिए यह मान्यता प्रदान की है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 2:59 · अपडेट दोपहर 3:08 · 3 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
पीआईबी दिल्ली की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कार्यरत एक स्वायत्त संस्थान, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट (MANAGE), हैदराबाद को भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा कृषि क्षेत्र में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस-स्किल्स' (CoE-Skills) के रूप में मान्यता दी गई है।
इस महत्वपूर्ण मान्यता को प्रदान करने के लिए 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के कौशल भवन में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव श्रीमती देबश्री मुखर्जी ने मैनेज (MANAGE) संस्थान को आधिकारिक मान्यता प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस प्रमाण पत्र के माध्यम से दी गई मान्यता आगामी तीन वर्षों की अवधि के लिए मान्य रहेगी।
इस नई पहचान से संस्थान को कौशल विकास के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा, जो कृषि क्षेत्र और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। भारत सरकार के विजन के अनुसार एक कुशल, सक्षम और उद्यमी कार्यबल तैयार करने के लक्ष्य के साथ, कृषि कौशल विकास और उद्यमिता में मैनेज की भागीदारी अब और अधिक मजबूत होगी। यह मान्यता कृषि विस्तार को आगे बढ़ाने, संस्थागत क्षमता बढ़ाने और देश में गतिशील कृषि कार्यबल के निर्माण में संस्थान की प्रतिबद्धता को और दृढ़ करती है।
यह पहल और कौशल विकास मिशन में योगदान देने का विजन मैनेज के महानिदेशक और संयुक्त सचिव (विस्तार) श्री संजय कुमार अग्रवाल, IAS के नेतृत्व में तैयार किया गया था। इस विजन को साकार करने में डॉ. के. सी. गुम्मागोलमथ, डॉ. विनीता कुमारी और डॉ. शैलेंद्र की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए मैनेज के महानिदेशक और संयुक्त सचिव (विस्तार) श्री संजय कुमार अग्रवाल, IAS ने कहा कि यह पैनलबद्धता एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो क्षमता निर्माण के क्षेत्र में संस्थान द्वारा बनाए रखे गए उच्च मानकों, समर्पण और कड़ी मेहनत को प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि यह मान्यता अपने साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी लाती है, जिससे कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के मानकों को और मजबूत करना होगा और राष्ट्र के कौशल मिशन में संस्थान के योगदान को बढ़ाना होगा।
मैनेज संस्थान अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों, ज्ञान-साझाकरण पहल और विभिन्न संस्थागत गतिविधियों के माध्यम से कृषि पेशेवरों और महत्वाकांक्षी उद्यमियों को आवश्यक ज्ञान और क्षमताओं से लैस करने के लिए निरंतर कार्यरत है। यह संस्थान कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने, नवीन दृष्टिकोणों को प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में उद्यमिता के विकास को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों की बात करें तो, यह एग्री-वेयरहाउसिंग मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PGDAWM) और एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PGDAEM) जैसे पाठ्यक्रम प्रदान करता है। इसके अलावा, संस्थान द्वारा मैनेजमेंट (एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट) में दो साल का नियमित पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोग्राम भी चलाया जा रहा है।
1987 में स्थापित इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य देश में कृषि विस्तार प्रणाली को मजबूत करना रहा है। यह कृषि विस्तार के क्षेत्र में प्रशिक्षण, परामर्श, अनुसंधान और नीतिगत समर्थन प्रदान करता रहा है।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए