ट्रेन में रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग बंद रहेगी
यात्रियों की सुरक्षा और आग रोकने के लिए रेलवे बोर्ड का सभी जोनल रेलवे को कड़ा आदेश
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, दोपहर 1:27 · 6 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। अब ट्रेन में यात्रा के दौरान रात 11:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक मोबाइल फोन और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी। रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जोनल रेलवे को ट्रेन के कोच में मौजूद मोबाइल फोन चार्जिंग पॉइंट्स को इस अवधि के दौरान अनिवार्य रूप से बंद रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
अमर उजाला और एबीपी अस्मिता की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। रेलवे बोर्ड ने इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है और स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में इसमें कोई ढील नहीं दी जाएगी। यह नियम स्लीपर, 3-एसी, 2-एसी और 1-एसी सहित सभी प्रकार के कोच पर लागू होगा, जिससे मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के सभी यात्री प्रभावित होंगे।
रेलवे बोर्ड द्वारा इस आदेश को फिर से जारी करने का मुख्य कारण दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) में हाल ही में हुई एक घटना है। हिंदुस्तान टाइम्स और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण पूर्व रेलवे में निर्धारित समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट्स बंद नहीं किए गए थे, जिसके कारण एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट हो गया और धुआं निकलने लगा। इस घटना के कारण यात्रियों में दहशत फैल गई, हालांकि किसी बड़ी चोट की सूचना नहीं है। इस दुर्घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने अपने 26 अक्टूबर के पत्र में इस मामले का उल्लेख करते हुए सभी जोनल रेलवे को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
टीवी9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे प्रशासन आग और ओवरहीटिंग जैसी घटनाओं को रोकना चाहता है। अक्सर यात्री देर रात अपने मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक को चार्जिंग में लगाकर सो जाते हैं। इसके कारण उपकरण ओवरचार्ज हो सकते हैं और अत्यधिक गर्म हो सकते हैं। यदि रात में किसी उपकरण में स्पार्किंग या ओवरहीटिंग होती है, तो यात्रियों के सोए होने के कारण तुरंत ध्यान नहीं जाता, जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। चार्जिंग उपकरणों में खराबी, बैटरी गर्म होना या इलेक्ट्रिकल समस्याएं सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब रेलवे ने ऐसे कदम उठाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, रेलवे बोर्ड ने 19 जून, 2014 को भी इस संदर्भ में आदेश जारी किया था। उस समय रेलवे सुरक्षा आयुक्त की सिफारिश पर, 2013 में हजरत साहिब नांदेड़-केएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस के एसी 3-टियर कोच में लगी आग के बाद यह व्यवस्था सुझाई गई थी। 2014 के पत्र में एसी कोच में रात 11 से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद रखने की सलाह दी गई थी और यात्रियों को सूचित करने के लिए स्टिकर लगाने का भी निर्देश दिया गया था। इसके बाद मार्च 2021 में भी रेलवे ने इन नियमों के कड़े कार्यान्वयन पर जोर दिया था।
नवंबर 2023 में नई दिल्ली-दरभंगा हमसफर क्लोन स्पेशल के स्लीपर क्लास कोच में भी आग लगने की घटना हुई थी। इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने स्लीपर क्लास के चार्जिंग पॉइंट्स भी बंद रखने की सिफारिश की थी। हालांकि, पिछली रिपोर्टों के अनुसार, एसी कोच में यह व्यवस्था लागू थी, लेकिन स्लीपर कोच में स्टाफ की नियुक्ति करने के लिए खर्च अधिक होने के कारण इसे लागू करना मुश्किल था। हाल ही में साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR) ने भी नोट किया था कि नागपुर डिवीजन में एसी कोच में रात में चार्जिंग पॉइंट्स लगातार चालू रखना रेलवे बोर्ड के आदेश का उल्लंघन है और इससे आग का खतरा तथा मोबाइल चोरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
रेलवे बोर्ड ने अब इन नियमों के कार्यान्वयन के लिए स्टाफ को आवश्यक प्रशिक्षण और काउंसलिंग देने के लिए भी निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन होता है या नहीं, यह देखने के लिए अधिकारियों और सुपरवाइजरों को ट्रेनों में औचक निरीक्षण (सरप्राइज इंस्पेक्शन) करने के लिए कहा गया है। रेलवे सुरक्षा बल और विद्युत विभाग की टीमें भी इस मामले पर निगरानी रखेंगी। कुछ अधिकारियों का मानना है कि केवल पावर बैंक के चार्जिंग पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन रेलवे का मुख्य उद्देश्य रात के दौरान कोच में आग या विद्युत दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि उन्हें अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ही अपने मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह चार्ज कर लेना चाहिए। रात 11 बजे के बाद चार्जिंग पॉइंट्स पर निर्भर न रहें। यदि यात्री देखते हैं कि उनका चार्जिंग उपकरण असामान्य रूप से गर्म हो रहा है, धुआं निकल रहा है या जलने की गंध आ रही है, तो उन्हें तुरंत इसका उपयोग बंद कर देना चाहिए और तत्काल ट्रेन स्टाफ को सूचित करना चाहिए।
इस बीच, साउथ सेंट्रल रेलवे के विशाखापत्तनम की ओर जाने वाले रूट पर चक्रवात अर्नाब के कारण सेवाओं में व्यवधान आया था, जो अब सुधर रहा है। गोदावरी एक्सप्रेस और विशाखा एक्सप्रेस जैसी सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं, हालांकि कुछ कनेक्टिंग ट्रेनें रद्द या रीशेड्यूल की गई हैं।
इस समाचार का स्रोत
कोई ग़लती दिखी? हमें बताएँगया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए