डैबिटिज के मरीज कब और कैसे खा सकते हैं फल? जानें विशेषज्ञ की सलाह
एम्स के डॉक्टर ने फलों के सेवन को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सही मार्गदर्शन दिया है.
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, दोपहर 2:37 · 4 मिनट का पाठ
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आजतक डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, डायबिटीज के मरीजों को उनके खानपान और भोजन को लेकर अक्सर कई प्रकार की सलाह मिलती रहती हैं. कोई व्यक्ति ऐसा कहता है कि सुबह खाली पेट फल खाने से ब्लड शुगर का स्तर बहुत ही तेजी से बढ़ जाता है, जबकि कोई अन्य फल खाने के लिए सुबह के समय को सबसे उत्तम समय बताता है. ऐसी स्थिति में कई मरीज हमेशा इस प्रकार की दुविधा में घिरे रहते हैं कि उन्हें फलों का सेवन कब करना चाहिए और कौन से फल उनके स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित साबित हो सकते हैं. हालांकि, शरीर में डायबिटीज होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मरीजों को हमेशा के लिए फल खाना बंद कर देना चाहिए. डायबिटीज की इस बीमारी में सुबह खाली पेट फल खाने की आदत सही है या गलत, इसके बारे में दिल्ली एम्स के डॉक्टर ने विस्तार से जानकारी दी है.
दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश खड़गवत के अनुसार, डायबिटीज के मरीज दिनभर में किसी भी समय फलों का सेवन कर सकते हैं. फल खाने का कोई एक निश्चित समय नहीं होता है, लेकिन मरीजों के लिए हमेशा फलों की मात्रा पर विशेष ध्यान देना बहुत ही जरूरी है. इसके अलावा, मरीजों को ऐसे फल खाने से भी बचना चाहिए जिनमें ग्लाइसेमिक लोड बहुत ही ज्यादा मात्रा में होता है. डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए सुबह के समय खाली पेट फल खाने की आदत पूरी तरह से गलत भी नहीं है.
डॉ. राजेश खड़गवत के मुताबिक, फल खाने का समय इतना ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं होता है, जितनी उसकी निश्चित मात्रा और सही फल का चुनाव महत्वपूर्ण होता है. सरल शब्दों में कहें तो मरीज सुबह, दोपहर या फिर शाम के समय कभी भी फल खा सकते हैं, लेकिन एक ही समय पर बहुत ज्यादा फल खाने से खून में शुगर का स्तर अचानक बढ़ सकता है. यही वजह है कि फलों को अपनी डाइट से पूरी तरह हटाने के बजाय उन्हें उचित और सीमित मात्रा में खाना अनिवार्य है. मरीजों को हमेशा अपनी डाइट यानी आहार और अपने ब्लड शुगर के स्तर को ध्यान में रखकर ही फलों का सेवन करना चाहिए.
डॉ. राजेश खड़गवत के कहे अनुसार, डायबिटीज के मरीज जब कभी भी फलों का सेवन करें, तो उसके साथ थोड़ी मात्रा में फैट वाला कोई भोजन लेना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. इस तरीके से शरीर में शुगर का स्तर बढ़ने की गति को धीमा करने में बड़ी मदद मिल सकती है. उदाहरण के तौर पर देखें तो, फल खाते समय उसके साथ थोड़ी मात्रा में अखरोट का सेवन भी किया जा सकता है. अखरोट में मौजूद फैट और फाइबर भोजन को पचने की प्रक्रिया को धीमा बनाने में बहुत उपयोगी साबित होते हैं. हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं निकाल लेना है कि फल के साथ फैट लेने से ब्लड शुगर बढ़ेगा ही नहीं. फलों की सही मात्रा का ध्यान रखना तो अभी भी उतना ही जरूरी है.
आजतक डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा खासतौर पर आम और अंगूर जैसे फलों का सेवन करते वक्त विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य है. डायबिटीज के मरीजों को अधिक ग्लाइसेमिक लोड वाले इस तरह के फल हमेशा सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए. ग्लाइसेमिक लोड इस बात को स्पष्ट करता है कि किसी भी खाद्य पदार्थ की सामान्य मात्रा खाने से शरीर के ब्लड शुगर पर कितना और कैसा असर पड़ सकता है. इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर सावधानीपूर्वक फलों का सेवन करने से डायबिटीज के मरीज अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं.
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