यूरोपीय मांग के कारण भारत के गोला-बारूद निर्यात में ₹38,000 करोड़ का उछाल
यूरोप में शेल की कमी के चलते भारतीय गोला-बारूद के उत्पादन और निर्यात में बड़ी वृद्धि हुई है
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
7 नवंबर 2026, शाम 5:08 · 1 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप की युद्ध मशीनों में शेल की कमी होने के कारण भारत के गोला-बारूद निर्यात में ₹38,000 करोड़ का बड़ा उछाल देखा गया है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में गोला-बारूद की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति की है।
हालांकि, इस क्षेत्र में कुछ चुनौतियां भी हैं। सीएजी (CAG) रिपोर्ट नंबर 10 ऑफ 2024 के अनुसार, सप्लाई चेन में कमजोरियां पाई गई हैं। प्रोपेलेंट उत्पादन में देरी के कारण विशेष रसायनों, एनर्जेटिक सामग्रियों, इलेक्ट्रॉनिक घटकों और उच्च ग्रेड की धातुओं सहित गोला-बारूद भरने वाली फैक्ट्रियां प्रभावित हुई हैं। म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड के पास सीमित औद्योगिक नेटवर्क है, जिसका बड़ा प्रभाव देखा गया है।
रिपोर्ट बताती है कि आर्टिलरी और मोर्टार के लिए आवश्यक फ्यूज एक महत्वपूर्ण घटक है, जिस पर BEL काम कर रहा है। वर्तमान में कई प्रकार के गोला-बारूद में 91% स्वदेशीकरण प्राप्त कर लिया गया है, लेकिन जटिल तकनीक के एकीकरण की प्रक्रिया अभी जारी है। गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल, प्रक्रिया की निरंतरता और समय पर डिलीवरी को उत्पादन का अभिन्न हिस्सा मानना आवश्यक है।
ओडिशा की अदालत में महिला ने मजिस्ट्रेट, अभियोजक और गार्ड पर लोहे की रॉड से किया हमला
यह हिंसक घटना नवरंगपुर जिले की झारीगाम कोर्ट में चल रहे एक वैवाहिक विवाद के मामले के दौरान हुई।
राणीपेट में ₹13.55 करोड़ की लागत से नवीकृत बस टर्मिनस जनता के लिए खुला
दिवाली से पहले चालू हुए इस इंटीग्रेटेड बस टर्मिनस में आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध किया गया है
गुजरात सरकार ने शिक्षा योजना के तहत 1,007 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को नियमित किया
नियमित किए गए कर्मचारियों को अब वेतन संबंधी लाभ भी दिए जाएंगे