रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के इस्तीफे की मांग तेज, ट्रंप ने किया समर्थन
ईरान युद्ध और अन्य नीतियों को लेकर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन सांसदों ने उठाए सवाल
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 4:56 · अपडेट सुबह 5:09 · 4 मिनट का पाठ
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अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ वर्तमान में गंभीर राजनीतिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ईरान के साथ चल रहे युद्ध और उनकी अन्य नीतियों के कारण डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ-साथ उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने उनके इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह हेगसेथ को उनके पद पर बनाए रखना चाहते हैं। ट्रंप ने इस मामले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि लोग हेगसेथ को हटाने की मांग क्यों कर रहे हैं।
यह विवाद तब और गहरा गया जब 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी मीडिया संस्थानों के अनुमान के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत प्राप्त कर नियंत्रण हासिल कर सकती है। इन चुनाव परिणामों के कारण ट्रंप प्रशासन के सामने राजनीतिक चुनौतियां बढ़ गई हैं। विशेष रूप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रिपब्लिकन पार्टी की इस चुनावी हार के लिए ईरान युद्ध को एक मुख्य कारण बताया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया है कि पीट हेगसेथ अभी तक अपने पद पर क्यों हैं। इसके अलावा, कोलोराडो के सांसद और हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्य जेसन क्रो ने हेगसेथ को अक्षम बताया है। क्रो के अनुसार, पेंटागन में हेगसेथ का हर दिन अमेरिकी सैनिकों के लिए जोखिम बढ़ा रहा है। न्यूयॉर्क के सांसद और पूर्व सैन्य खुफिया अधिकारी पैट्रिक रयान ने भी दावा किया है कि डेमोक्रेट्स के बहुमत में आने के बाद उनका पहला काम हेगसेथ को पद से हटाना होना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि हेगसेथ के खिलाफ विरोध केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है। रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने भी उनके इस्तीफे की मांग की है। मैसी ने चेतावनी दी है कि यदि हेगसेथ तुरंत पद नहीं छोड़ते हैं, तो संसद का अगला सत्र शुरू होते ही वह उनके खिलाफ फिर से महाभियोग का प्रस्ताव पेश करेंगे। मैसी ने स्पष्ट किया है कि केवल हेगसेथ के इस्तीफे की स्थिति में ही वह महाभियोग का प्रस्ताव नहीं लाएंगे।
थॉमस मैसी पहले भी 34 पन्नों का महाभियोग प्रस्ताव पेश कर चुके हैं। इस प्रस्ताव में ईरान, यमन और वेनेजुएला सहित विभिन्न स्थानों पर चलाए गए सैन्य अभियानों, नागरिकों की मृत्यु और सैन्य कार्रवाई के दौरान संसदीय निगरानी की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। हालांकि, अमर उज्ज्वला की रिपोर्ट के अनुसार, ये आरोप मैसी द्वारा लगाए गए हैं और इन्हें आधिकारिक तौर पर साबित हुए कदाचार के निष्कर्ष नहीं माना गया है। उनका पिछला प्रस्ताव सदन में औपचारिक मतदान तक नहीं पहुंच सका था।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पीट हेगसेथ को न केवल ईरान बल्कि यूक्रेन युद्ध के संबंध में उनकी नीतियों के लिए भी सवालों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, लैटिन अमेरिकी जलक्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी करने का दावा करने वाली नावों पर अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमलों के संबंध में भी उनसे पूछताछ हो सकती है। ये सभी मुद्दे अब हेगसेथ की कुर्सी के लिए बड़ा जोखिम बन गए हैं।
इस पूरी स्थिति में एक तरफ डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन सांसद उन्हें हटाना चाहते हैं, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप उनके साथ खड़े हैं। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप अपना निर्णय बदलेंगे या संसद में महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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