मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल यथावत: दिवाली से पहले कचरे के निपटान की समस्या
सरकार के साथ बातचीत विफल होने पर 2.5 लाख कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 1:55 · 3 मिनट का पाठ
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मध्य प्रदेश में दिवाली के त्योहार से पहले सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण राज्य भर में कचरे के निपटान की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विभिन्न शहरों में लगभग 2.5 लाख सफाई कर्मचारी काम से दूर रहे हैं, जिसके कारण कचरा संग्रहण और उसके निपटान का काम ठप हो गया है। कर्मचारी मुख्य रूप से अपनी नौकरी के नियमितीकरण और आउटसोर्सिंग की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर रहे हैं। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ये कर्मचारी 25,000 रुपये के वेतन की भी मांग कर रहे हैं।
राज्य की राजधानी भोपाल में प्रतिदिन 850 टन कचरा उत्पन्न होता है। यहां घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने के लिए 400 से अधिक वाहनों का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रत्येक वाहन दिन में दो से तीन फेरे लगाता है। यह कचरा शहर के 17 कचरा स्टेशनों पर इकट्ठा करके कैप्सूल टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी तक पहुंचाया जाता है। हड़ताल के कारण पिछले दो दिनों से यह पूरी प्रक्रिया ठप पड़ी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि दिवाली के त्योहार को देखते हुए कई बाजारों में व्यापारियों को अपनी दुकानों और परिसर की सफाई के लिए निजी तौर पर श्रमिकों को रखना पड़ा है।
मध्य प्रदेश अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष मगन झांझोट ने पीटीआई को बताया कि बुधवार को शहरी प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के साथ हुई बातचीत बिना किसी परिणाम के विफल रही है। मगन झांझोट ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं की जाएंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अब यूनियन इस गतिरोध को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करेगी। इस मामले में शहरी प्रशासन और आवास विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे और भोपाल नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों द्वारा की जा रही यह हड़ताल राज्य के नागरिक निकायों के संचालन पर सीधा असर डाल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था के कारण उनका शोषण हो रहा है और लंबे समय से वे स्थायी रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दिवाली जैसे बड़े त्योहार के समय सफाई व्यवस्था बिगड़ने से आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत पर सबकी नजर टिकी है, क्योंकि हड़ताल लंबी खिंचने से शहरों में स्वच्छता बनाए रखना और अधिक कठिन हो सकता है।
मध्य प्रदेश राज्य भारत का एक प्रमुख राज्य है, जो अपने प्रशासनिक ढांचे और नागरिक सुविधाओं के लिए जाना जाता है। राज्य के विभिन्न शहरों में नगर निगमों द्वारा सफाई और कचरे के निपटान की व्यवस्था संभाली जाती थी, जिसमें अधिकांश कर्मचारी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत थे।
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