अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया ११ पैसे की बढ़त के साथ ९५.१७ पर पहुंचा
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें यथावत रखने के निर्णय के बाद डॉलर कमजोर पड़ने से रुपया मजबूत हुआ
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
29 अक्टूबर 2026, शाम 7:56 · 3 मिनट का पाठ
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें यथावत रखने के निर्णय के बाद डॉलर कमजोर पड़ने से, गुरुवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ११ पैसे की बढ़त के साथ ९५.१७ पर पहुंच गया है।
ट्रेडर्स द्वारा डॉलर के खिलाफ नकारात्मक प्रतिक्रिया दिए जाने के कारण डॉलर कमजोर पड़ा था, जिससे रुपया मजबूत हुआ है। अब बाजार के पर्यवेक्षक आगामी आर्थिक आंकड़ों, विशेष रूप से मुद्रास्फीति और संभावित ब्याज दर के परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय इक्विटी में सक्रिय रूप से खरीदारी कर रहे हैं, जो बाजार के सकारात्मक रुख को दर्शाता है।
इससे पहले बुधवार, २८ अक्टूबर २०२६ को, क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों और मजबूत डॉलर के कारण रुपया सीमित दायरे में रहा था और शुरुआती कारोबार में केवल ४ पैसे बढ़कर ९५.०३ पर था। बुधवार को रुपये ने अपने पिछले बंद भाव ९५.०७ के मुकाबले थोड़ी बढ़त दर्शाई थी। मीरा एसेट शेरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के अनुसार, पॉजिटिव डॉलर और कमजोर एशियाई करेंसी के कारण रुपये के थोड़े नकारात्मक रुझान के साथ ट्रेड होने की उम्मीद थी। उन्होंने आगे कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची रहने से रुपया दबाव में रह सकता है। निवेशक फेडरल ओपन मार्केट कमेटी के निर्णय पर नजर रख रहे थे। चौधरी के मुताबिक, फेड द्वारा ब्याज दरें यथावत रखने की उम्मीद थी, लेकिन बाजार फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर नजर रख रहे थे। उन्होंने USD-INR हाजिर कीमत ९४.८५ से ९५.४० के दायरे में रहने की उम्मीद जताई थी।
मंगलवार, २७ अक्टूबर २०२६ को, रुपया ७ पैसे गिरकर ९५.२२ पर ट्रेड कर रहा था। उस समय क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत निर्णय से पहले मजबूत डॉलर के कारण रुपया दबाव में था। फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के संभावित हस्तक्षेप के कारण रुपये में थोड़ा सुधार देखने को मिला था, लेकिन घरेलू इक्विटी बाजार के कमजोर सेंटीमेंट और विदेशी फंड के बाहर जाने के कारण वह दबाव टिक नहीं सका था। मंगलवार को इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया ९५.१७ पर खुला था और ९५.११ तक पहुंचा था, लेकिन बाद में ९५.२२ पर नीचे आ गया था। सोमवार को रुपया लगातार तीसरे दिन गिरकर २२ पैसे की गिरावट के साथ ९५.१५ पर बंद हुआ था। पिछले तीन सत्रों में रुपया डॉलर के मुकाबले ७७ पैसे गंवा चुका है।
डॉलर इंडेक्स, जो छह मुद्राओं के समूह के खिलाफ डॉलर की मजबूती को मापता है, बुधवार को १०२.३७ पर ०.०६% बढ़ रहा था, जबकि मंगलवार को यह १०१.८६ पर था। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स ट्रेड में बुधवार को १.३७% बढ़कर ११५.४४ डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि मंगलवार को यह ०.९१% घटकर ११४.७६ डॉलर प्रति बैरल था। मंगलवार को सेंसेक्स १२६.१६ अंक या ०.१७% गिरकर ७३,४८०.५९ और निफ्टी ४७.३० अंक या ०.२१% गिरकर २२,७०६.३० पर था। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने (FIIs) सोमवार को ₹१,४६२.४९ करोड़ की इक्विटी बिकवाली की थी, जबकि मंगलवार को उन्होंने ₹४,२४०.३९ करोड़ की शुद्ध खरीदारी की थी।
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