निजी सूचीबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के लिए सेबी ने कूलिंग-ऑफ अवधि घटाई
ऑफर-फॉर-सेल लेनदेन के लिए अब 12 सप्ताह के बजाय केवल 8 सप्ताह की अवधि होगी
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
3 नवंबर 2026, सुबह 5:40 · 1 मिनट का पाठ
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निजी तौर पर सूचीबद्ध और कम तरलता वाले इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, सेबी ने इन ट्रस्टों द्वारा किए जाने वाले ऑफर-फॉर-सेल (OFS) लेनदेन के लिए कूलिंग-ऑफ अवधि में कटौती की है।
नए नियम के अनुसार, अब इस प्रकार के लेनदेन के लिए कूलिंग-ऑफ अवधि को 12 सप्ताह से घटाकर 8 सप्ताह कर दिया गया है। सेबी का यह निर्णय ट्रेडिंग संबंधी प्रतिबंधों को हल्का करने के उद्देश्य से लिया गया है।
यह बदलाव विशेष रूप से उन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स के लिए है जो निजी तौर पर सूचीबद्ध हैं और जिनमें तरलता (illiquidity) कम है। पहले, ऐसे लेनदेन करने के लिए निवेशकों को 12 सप्ताह की लंबी अवधि प्रतीक्षा करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस अवधि को कम करने से लेनदेन की प्रक्रिया में सुगमता आएगी।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य ट्रेडिंग से जुड़ी बाधाओं को दूर करना है, ताकि निजी तौर पर सूचीबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स के लेनदेन अधिक सुगम हो सकें।
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