आरएसएस ने मतदाता सूची के सुधार का समर्थन किया, अराजकता के प्रति चेतावनी दी
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की विपक्षी मांगों के बीच आरएसएस ने सामाजिक अशांति के प्रति आगाह किया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:43 · 3 मिनट का पाठ
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने मतदाता सूची की विशेष सघन सुधार (SIR) प्रक्रिया का समर्थन किया है। संघ ने सूची से मृत और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने के निर्णय का समर्थन किया है। इस बीच, संघ ने उन शक्तियों को चेतावनी दी है जो सामाजिक अशांति पैदा करने, युवाओं को उकसाने और लोकतांत्रिक मानदंडों से बाहर जाकर शासन परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही हैं। इस संबंध में संघ ने विघ्नकारी विदेशी तत्वों की संलिप्तता की संभावना भी जताई है।
वर्तमान में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों के आधार पर विपक्षी दलों द्वारा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस विवाद के बीच, आरएसएस ने अपील की है कि राजनीतिक विरोध तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। संघ ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह युवाओं की वास्तविक चिंताओं का समाधान करे।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे विवाद में संघ ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में किए गए सुधार आवश्यक हैं। संघ ने इस बात पर जोर दिया है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने वाले तत्व सतर्क रहें। संघ ने यह संकेत भी दिया है कि जो लोग लोकतांत्रिक पद्धतियों के बजाय अन्य तरीकों से सत्ता परिवर्तन लाना चाहते हैं, वे देश की स्थिति बिगाड़ सकते हैं। संघ ने विदेशी तत्वों के हस्तक्षेप पर भी चिंता व्यक्त की है जो देश में अराजकता फैलाने का प्रयास कर सकते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर विपक्षी दलों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक खींचतान बढ़ रही है। विपक्षी दलों का मानना है कि मतदाताओं को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, आरएसएस का रुख इस मामले में स्पष्ट है कि राजनीतिक विवाद तथ्यों पर आधारित होने चाहिए और केवल अराजकता फैलाने के लिए नहीं होने चाहिए। संघ ने सरकार से युवा पीढ़ी के प्रश्नों पर ध्यान देने का भी अनुरोध किया है।
इस पूरे मामले में, आरएसएस द्वारा दी गई चेतावनी देश की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता से जुड़ी है। संघ ने सुझाव दिया है कि विदेशी तत्व देश में अस्थिरता लाने के लिए स्थानीय शक्तियों का उपयोग कर सकते हैं। संघ ने यह भी कहा है कि लोकतांत्रिक ढांचे से बाहर जाकर सत्ता परिवर्तन लाने के प्रयास देश के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। अतः, सभी दलों को जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए और सामाजिक अशांति पैदा करने वाले तत्वों के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
इस प्रकार, एक ओर विपक्षी दल चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के लिए दबाव डाल रहे हैं, तो दूसरी ओर आरएसएस मतदाता सूची के सुधार को उचित बताते हुए देश में अराजकता फैलाने वाले तत्वों के प्रति सख्त रुख अपना रहा है।
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