गुजरात में शराबबंदी हटाने की मांग के साथ एसपीजी प्रमुख लालजी पटेल ने उठाए सवाल
राजकोट के हाईप्रोफाइल शराब पार्टी मामले के बाद गुजरात में शराबबंदी के कानून को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
2 नवंबर 2026, दोपहर 2:59 · अपडेट सुबह 8:58 · 3 मिनट का पाठ
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टीवी९ गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात में शराबबंदी के कानून को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर गरमागरम चर्चाएं शुरू हो गई हैं। महेसाणा स्थित एसपीजी (सरदार पटेल ग्रुप) के प्रमुख लालजी पटेल ने गुजरात से शराबबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग की है। लालजी पटेल का यह बयान राजकोट में हुई हाईप्रोफाइल शराब पार्टी की घटना के बाद आया है, जिससे इस मुद्दे पर और गरमागरमी बढ़ गई है。
लालजी पटेल ने बताया है कि प्रतिबंध के बावजूद गुजरात में शराब और नशीले पदार्थ खुलेआम और आसानी से उपलब्ध हैं। इस स्थिति के कारण न केवल पाटीदार समाज के बल्कि सभी समुदायों के युवा बड़े पैमाने पर व्यसनों का शिकार बन रहे हैं। लालजी पटेल ने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सरकार की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था कमजोर होने के कारण शराब और ड्रग्स की बिक्री तथा सेवन बेखौफ चल रहा है。
एसपीजी प्रमुख ने यह तर्क भी दिया कि यदि प्रतिबंध हटा लिया जाए तो शराब पीने वाले लोग नियंत्रण में रहकर शराब का सेवन कर सकते हैं, जिससे वर्तमान अवैध गतिविधियों और उसके दुष्प्रभावों को रोकने में मदद मिलेगी। लालजी पटेल का मानना है कि वे चिंतित हैं क्योंकि मौजूदा युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शराबबंदी के बावजूद गुजरात में सबसे अधिक मात्रा में शराब पकड़ी जाती है और खुलेआम सेवन किया जाता है, जो शराबबंदी की विफलता का प्रमाण है。
बिल्डर एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट ध्रुविक पटेल ने भी शराबबंदी समाप्त करने के संबंध में बात की थी और आगामी समय में इस मुद्दे पर लड़ाई शुरू करने की तैयारी दर्शाई थी, जिसे लालजी पटेल ने पूरा समर्थन दिया है। लालजी पटेल ने कहा कि लोग अन्य राज्यों की तरह आनंद के लिए इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन यहाँ से गुजरते समय दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। अन्य पाटीदार नेताओं जैसे पुरुषोत्तम पिपलिया और उमियाधाम सिदसर की पूर्व महिला प्रमुख ज्योति तिलवा ने भी सोशल मीडिया पर इस प्रकार के बयान दिए थे, जिनका भी पटेल ने समर्थन किया था。
लालजी पटेल ने आगे जोड़ा कि जब भी किसी भी चीज पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो उसका फायदा केवल प्रशासन चलाने वाले लोगों यानी अवैध गतिविधियां करने वालों को ही होता है। लालजी पटेल ने सुझाव दिया कि यदि शराब को मंजूरी दी जाती है तो पीने वाला वर्ग नियंत्रण में रहकर पिएगा। पटेल ने अभिभावकों से जागरूक बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की देखभाल करनी होगी और उनके मोबाइल तथा चैटिंग की जांच करनी पड़ेगी ताकि उन्हें पता चले कि उनके बेटे और बेटियां क्या कर रहे हैं। पटेल ने घर में धार्मिक माहौल तैयार करने और बच्चों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध रखने की सलाह दी ताकि बच्चों पर सकारात्मक नियंत्रण रखा जा सके। इन बयानों ने गुजरात में शराबबंदी के भविष्य को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं।
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