सुप्रीम कोर्ट ने सोमनाथ मंदिर के पास नॉन-वेज प्रतिबंध हटाने की याचिका खारिज की
सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 3:58 · अपडेट शाम 4:46 · 3 मिनट का पाठ
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सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री, भंडारण और तैयारी पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस पी.बी. वराले और जस्टिस एम.एम. सुंदरेश की पीठ ने गुजरात हाईकोर्ट द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश में हस्तक्षेप न करने का निर्णय लिया है।
इंडियन एक्सप्रेस गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध का सामना कर रहे रेस्टोरेंट मालिकों ने सर्वोच्च न्यायालय में तर्क दिया कि इस निर्णय के कारण उनका व्यवसाय खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी दलील दी कि देश की 80 प्रतिशत आबादी मांसाहार करती है। इस मामले में कोर्ट ने टिप्पणी की कि संतुलन बनाए रखना जरूरी है और वर्तमान स्तर पर वे इस मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। पीठ ने कहा, "हमें संतुलन बनाए रखने की जरूरत है। अभी हम इस बारे में और कुछ नहीं कह रहे हैं।"
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट से इस मामले में जल्द से जल्द अंतिम फैसला सुनाने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने नोट किया कि यह मामला वर्तमान में अंतरिम चरण में है, इसलिए सुनवाई में तेजी लाई जानी चाहिए। दिवाली के त्योहार के संदर्भ में हल्के अंदाज में पीठ ने जोड़ा, "प्रकाश का त्योहार मिठाई खाकर मनाएं। फिलहाल शाकाहारी या मांसाहारी भोजन के मुद्दे को किनारे रखें।"
यह पूरा विवाद 10 अगस्त को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक अधिसूचना से शुरू हुआ था। इस अधिसूचना में सोमनाथ मंदिर के 500 मीटर के दायरे में आने वाले सभी स्थानों के साथ-साथ कुछ विशिष्ट मार्गों पर सड़क किनारे स्थित स्टालों, दुकानों और रेस्टोरेंट्स में मांसाहारी उत्पादों को तैयार करने, बेचने या संग्रहीत करने पर प्रतिबंध लगाया गया था।
रेस्टोरेंट मालिकों ने इस आदेश को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 30 अक्टूबर को हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने याचिका स्वीकार कर सरकार से जवाब मांगा था। राज्य सरकार ने तर्क दिया था कि त्योहारों के दौरान मांस, मछली और मांसाहारी भोजन की बिक्री से भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है और असुविधा पैदा हो सकती है। इस मामले में एक न्यायाधीश की बेंच ने प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में दो न्यायाधीशों की बेंच ने अंतरिम उपाय के रूप में उस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसके कारण यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सोमनाथ मंदिर गुजरात के वेरावल में प्रभास पाटन में स्थित एक हिंदू मंदिर है। यह हिंदुओं के लिए अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल है और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम स्थान रखता है। महाभारत और भागवत पुराण जैसे ग्रंथों में सौराष्ट्र के समुद्र तट पर प्रभास पाटन में तीर्थ का उल्लेख है।
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