आईडीबीआई बैंक के विमर्श पर वित्त मंत्री ने कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए
कांग्रेस और पिछली यूपीए सरकार ने बैंकों का उपयोग निजी संस्थाओं के रूप में किए जाने का आरोप
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
30 अक्टूबर 2026, दोपहर 3:18 · 5 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
आईडीबीआई बैंक के हिस्से की बिक्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पार्टी और पिछली यूपीए सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं। सीतारमण ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों का उपयोग "निजी संस्थाओं" के रूप में किया था और बैंक कर्मचारियों पर उनकी मर्जी के मुताबिक ऋण देने के लिए दबाव डाला जाता था, जिसके कारण ऋण देने के सावधानीपूर्ण नियमों का उल्लंघन होता था।
सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आईडीबीआई बैंक के संबंध में दिए गए बयानों का जवाब दिया था। उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के कुछ मामलों का भी हवाला दिया था। उन्होंने बताया था कि 1976 में इंदिरा गांधी के शासनकाल के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन आर.के. तलवार को इस आरोप के तहत हटा दिया गया था कि उन्होंने संजय गांधी से जुड़ी कंपनी के लिए ऋण देने के नियमों में ढील देने के लिए राजनीतिक दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया था।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि आईडीबीआई बैंक उन्हें बेहद खराब हालत में सौंपा गया था। उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक को कांग्रेस नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाले बड़े व्यावसायिक समूहों जैसे वीडियोकॉन, विनसम, एबीजी शिपयार्ड और किंगफिशर को ऋण देने के लिए मजबूर किया गया था। ये ऋण बाद में खराब ऋण (bad loans) में बदल गए, जिससे आईडीबीआई बैंक को भारी नुकसान हुआ, जिसे वर्तमान सरकार ने स्वीकार किया है।
सीतारमण ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने व्यावसायिकता, सावधानी और ₹25,000 करोड़ से अधिक के पूंजी संरक्षण (recapitalisation) के माध्यम से आईडीबीआई बैंक को पुनर्जीवित किया है। उन्होंने जोड़ा कि आईडीबीआई बैंक अब अपने विकास के अगले चरण के लिए तैयार है और आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन में सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
दूसरी ओर, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के साथ एकजुटता दिखाई थी और एक लाभदायक सार्वजनिक बैंक को कनाडा की कंपनी को बेचने के सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए थे। उन्होंने जोर देकर कहा था कि सार्वजनिक बैंक बेचने के लिए संपत्तियां नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए साधन हैं।
राहुल गांधी ने पिछले साल मार्च महीने में आईडीबीआई बैंक के परिवार के सदस्यों को लिखे एक पत्र में बताया था कि संसद भवन में आईडीबीआई बैंक के कर्मचारियों के एक समूह ने उनसे मिलकर एक सीधा प्रश्न पूछा था कि सरकार ऐसे बैंक को क्यों बेच रही है जिसे उन्होंने लाभदायक बनाया है। गांधी ने कहा कि उन्होंने यह प्रश्न लोकसभा में भी उठाया था और पूछा था कि एक लाभदायक सार्वजनिक बैंक क्यों बेचा जा रहा है और उसके कर्मचारियों तथा जमाकर्ताओं की रक्षा कैसे की जाएगी, लेकिन सरकार ने कोई कारण नहीं बताया था। अब सरकार ने आईडीबीआई बैंक को फेयरफैक्स नामक कनाडा की कंपनी को बेचने का निर्णय लिया है।
राहुल गांधी के आरोपों पर प्रहार करते हुए सीतारमण ने कहा कि राफेल सौदे के संबंध में उनके आरोप पहले बेनकाब हुए थे और उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि राफेल के संबंध में आपके झूठ विफल हुए थे और वे बेनकाब हुए थे, आपको माफी मांगनी पड़ी थी और यहाँ भी ऐसा ही होगा।
वित्त मंत्री ने आगे जोड़ा कि कांग्रेस के युग में बैंकिंग में शक्तिशाली लोगों के लिए फोनबुक थी और आम नागरिकों के लिए नियमन्य पुस्तक (rulebook) थी। उन्होंने कहा कि 'कनेक्शन और सेटिंग बैंकिंग' का युग अब समाप्त हो गया है। आम लोगों के लिए अब ऋण प्राप्त करना आसान हो गया है और कर्मचारियों पर फोन कॉल के माध्यम से ऋण देने के लिए दबाव नहीं डाला जाता है।
सरकार ने 14 अक्टूबर, 2026 के दिन आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सा कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को लगभग ₹53,000 करोड़ ($5.5 बिलियन) में बेचने की मंजूरी दी थी। यह व्यवहार भारतीय बैंक में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा और देश के लंबे समय से विलंबित बैंकिंग निजीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
फेयरफैक्स सरकार के 30.48 प्रतिशत हिस्से के रणनीतिक खरीदार के रूप में कार्य करेगा, जिसका मूल्य लगभग ₹26,620 करोड़ है, साथ ही एलआईसी (LIC) के पास मौजूद 30.24 प्रतिशत हिस्से की कीमत लगभग ₹26,440 करोड़ है। यह रणनीतिक व्यवहार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नियामक मंजूरी के अधीन रहते हुए चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक पूरा होने की अपेक्षा है।
गया एयरपोर्ट पर 10 किलो गांजे के साथ दो महिलाएं पकड़ी गईं
थाईलैंड से आई दोनों महिलाओं से अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग ₹10 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
પાણીપુરી વેચનારની ૧.૨ લાખની માસિક કમાણી જાણીને આઈઆઈટીના સ્નાતકો ચોંકી ગયા
ચાર આઉટલેટ્સ ચલાવતા વેપારીની કુલ માસિક નફાની રકમ ૪.૫ લાખ રૂપિયાથી વધુ હોવાનો દાવો
सुअरों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए सरकार ने वीर्य उत्पादन के नए मानक जारी किए
पूर्वोत्तर भारत में आनुवंशिक सुधार और पशुपालकों की आजीविका बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए