अमेरिका चुनाव के परिणामों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट
डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत प्रदर्शन के कारण तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 9:09 · अपडेट सुबह 8:46 · 3 मिनट का पाठ
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अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के हालिया परिणाम घोषित होने के बाद वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। इन चुनाव परिणामों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत की सीधी गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिकी राजनीति में आए इस बड़े बदलाव का सीधा असर विश्व की अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर देखा जा रहा है।
TV9 गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, इस चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। वाशिंगटन में बदले हुए इन राजनीतिक समीकरणों के कारण बाजार में भारी बिकवाली देखी गई। इस दौरान अमेरिकी कच्चे तेल यानी WTI की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट आने से यह 87.68 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का मानक माने जाने वाले ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। बाजार में देखे गए उतार-चढ़ाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत 9.20 प्रतिशत घटकर 94.08 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 93.40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई थी। तेल की कीमतों में आई इस अचानक गिरावट के लिए अमेरिका की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ उसकी विदेश नीति में आने वाले संभावित बदलाव भी जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत होने से देश की विदेश नीति बदल सकती है। निवेशकों को यह उम्मीद है कि बदली हुई राजनीतिक स्थिति में अमेरिका अब ईरान के साथ बातचीत का रास्ता खोल सकता है। यदि ईरान के साथ बातचीत शुरू होती है, तो पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चिंताएं कम हो सकती हैं और तेल की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है, जिसने कीमतों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से दुनिया भर के शेयर बाजारों के लिए राहत की खबर आई है, क्योंकि महंगे तेल के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था पर महंगाई का दबाव था। हालांकि, पश्चिम एशिया के देशों में जारी भू-राजनीतिक तनाव अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में अमेरिकी सरकार के कदम यह तय करेंगे कि कीमतों में यह गिरावट जारी रहेगी या बाजार में फिर से तेजी आएगी।
इस समाचार का स्रोत
- ટીવી9 ગુજરાતી
- સંદેશ (બિઝનેસ)
- Mint
- एनडीटीवी इंडिया
- Mint
- The Economic Times
- The National (UAE)
- Business Standard
- Mint
- The Times of India
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