सरकार की हर नीति का आधार व्यवसायों और करदाताओं का विश्वास है: वित्त मंत्री
फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवार्ड्स में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक नीतियों, निजी निवेश और विपक्ष के रुख पर खुलकर चर्चा की।
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, दोपहर 1:52 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
इंडियन एक्सप्रेस गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार की हर नीति का मूल आधार व्यवसायों, उद्योगों और करदाताओं के प्रति विश्वास है। सोमवार को आयोजित फाइनेंशियल एक्सप्रेस लीडरशिप अवार्ड्स के दौरान श्यामला मजूमदार के साथ एक विशेष बातचीत में उन्होंने ये महत्वपूर्ण बयान दिए। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों, विदेशी पूंजी आकर्षित करने की आवश्यकता, नए रोजगार अवसरों के सृजन, युवाओं में कौशल की कमी और बाजार की उपभोग स्थिति जैसे कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इस विशेष बातचीत के दौरान वित्त मंत्री के सामने कई चिंताएं प्रस्तुत की गईं, जिनमें बड़ी कंपनियों का बढ़ता वर्चस्व, नियमों का दुरुपयोग और निजी कंपनियों द्वारा निवेश की धीमी गति जैसे विषय शामिल थे। वित्त मंत्री ने इन सभी चिंताओं के संदर्भ में सरकार का रुख स्पष्ट किया और अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति के बारे में खुलकर बातचीत की।
इस बातचीत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के कामकाज और उनके आक्रामक रुख की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाते हैं और मामलों को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाया जाता है, और साथ ही सड़कों पर विरोध प्रदर्शन भी किए जाते हैं। कांग्रेस पार्टी अदालतों से लेकर सड़कों तक अपनी पूरी ताकत लगा देती है, फिर भी वह इससे कोई सबक नहीं सीखती है। जब सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह कहा जाए कि किसी मामले का इस स्तर तक पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण है और माफी मांगना उचित हो सकता है, तब भी विपक्ष अपनी पद्धति नहीं बदलता है।
वित्त मंत्री ने आगे कहा कि विपक्ष में लगभग 100 सांसद वाला एक ऐसा दल शामिल है जो संसद में चर्चाओं के दौरान अपनी सीटों पर नहीं बैठता है। ये सांसद केवल गंभीर आरोप लगाते हैं, लेकिन जब कोई मंत्री या सत्ता पक्ष का नेता जवाब देने के लिए खड़ा होता है तो सदन से बाहर चले जाते हैं। वे जोर-जोर से शोर मचाकर सरकार के जवाबों को दबाने का प्रयास करते हैं। संसद में कोई रचनात्मक चर्चा करने के बजाय विपक्ष का मुख्य जोर हमेशा सड़कों पर प्रदर्शन करने पर ही रहता है।
विपक्ष की इस कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए वित्त मंत्री ने जोड़ा कि तर्क और एकसूत्रता के बिना काम करने की यह पद्धति लोगों के मन में कई शंकाएं पैदा करती है और इसके कारण लोगों के मन में उनकी बातों पर कोई विश्वास नहीं रहता है।
देश की छवि खराब करने के प्रयासों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को एक अव्यवस्थित और अस्थिर देश के रूप में चित्रित करने के जो प्रयास किए जाते हैं, वे देश के आर्थिक विकास में दिन-रात मेहनत करके योगदान देने वाले मेहनतकश लोगों को कमजोर करते हैं। इस प्रकार के प्रयास अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद करने वाले श्रमिकों और उद्यमियों का मनोबल तोड़ने का काम करते हैं।
विकिपीडिया की पृष्ठभूमि रिपोर्ट के अनुसार, निर्मला सीतारमण भारत की वित्त मंत्री हैं और उन्होंने जुलाई 2019 में अपना पहला बजट पेश किया था। वह अब तक लगातार 9 बजट पेश कर चुकी हैं और जल्द ही अपना 10वां बजट पेश करने जा रही हैं। देश के आर्थिक सुधारों और नीतिगत निर्णयों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
ન્યુઝીલેન્ડ સામે ટેસ્ટ શ્રેણી પૂર્વે બુમરાહ અને જાડેજા ઈન્ડિયા એ ટીમમાં સામેલ થશે
લિંકન ખાતે શનિવારથી શરૂ થતી ન્યુઝીલેન્ડ એ સામેની અંતિમ ચાર-દિવસીય મેચમાં દિગ્ગજ ખેલાડીઓ રમશે
BCI ने लॉ कोर्स के लिए आयु सीमा हटाई, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा किया
3 वर्ष और 5 वर्ष के LLB कोर्स में अब उम्र का कोई बंधन नहीं रहेगा
સીબીઆઈએ કિશોર બિયાણી અને ફ્યુચર રિટેલ સામે ₹૯૦૪ કરોડની છેતરપિંડીનો કેસ દાખલ કર્યો
સ્ટેટ બેંક ઓફ ઈન્ડિયાની ફરિયાદ બાદ સીબીઆઈએ મુંબઈમાં સર્ચ ઓપરેશન હાથ ધર્યું