होर्मुज जलडमरूमध्य में अल जुसुफी जहाज पर ड्रोन हमला, गुजरात के नाविक की मौत
दुबई से खजूर भरकर पोरबंदर आ रहे सलाया के जहाज पर हुआ हमला
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
6 नवंबर 2026, सुबह 5:55 · 4 मिनट का पाठ
यह समाचार AI ने नीचे दिए स्रोतों से लिखा है; इसका हर दावा और आँकड़ा उन स्रोतों से मिलाकर ही प्रकाशित किया गया है। हम कैसे जाँचते हैं
होर्मुज जलडमरूमध्य में दुबई के हमरिया बंदरगाह से खजूर भरकर पोरबंदर आ रहे एक जहाज पर ड्रोन के जरिए हमला किया गया। इस हमले के कारण जहाज पर भीषण आग लग गई, जिसमें गुजरात के एक खलासी की मौत हो गई। बीबीसी गुजराती की रिपोर्ट के अनुसार, मारे गए नाविक की पहचान 22 वर्षीय नईम अजीज गंधार के रूप में हुई है। इस दुर्घटना में ओमान के कोस्टगार्ड ने अन्य 13 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया है।
हमले का शिकार हुआ यह जहाज 'अल जुसुफी' था, जो गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के सलाया बंदरगाह का था। जहाज के सभी क्रू मेंबर्स यानी चालक दल के सदस्य भी सलाया के ही निवासी थे। नईम गंधार के परिवार के लिए यह एक हृदयविदारक घटना है, क्योंकि वर्षों पहले उनके परिवार के एक अन्य सदस्य की भी जहाज पर काम करते समय समुद्र में मौत हो गई थी।
जहाज के मालिक जुसब आमद सुंभनिया हैं, जिनका परिवार वर्षों से जहाज व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। जुसब के बड़े भाई अकबरभाई सुंभनिया के पास 'अल फातेम' नाम का जहाज है। अकबरभाई ने बीबीसी को बताया कि 31 अक्टूबर को अल जुसुफी जहाज दुबई के हमरिया बंदरगाह से पोरबंदर के लिए निकला था। उसी दिन अल फातेम जहाज भी खाद्य सामग्री और जनरल कार्गो भरकर अफ्रीका के सोमालिया देश के लिए रवाना हुआ था।
अकबरभाई ने आगे बताया कि जब दोनों जहाज निकले, तब उन्हें होर्मुज में माहौल ठीक नहीं लग रहा था। इसलिए, उन्होंने अल जुसुफी को ओमान के खासब बंदरगाह पर रुकने का निर्देश दिया था, जहाँ वह एक दिन रुका। दूसरी ओर, अल फातेम जहाज अपनी यात्रा जारी रखते हुए सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गया। इसके बाद अगले दिन अल जुसुफी खासब बंदरगाह से निकलकर पोरबंदर की ओर बढ़ा, लेकिन ओमान के लीमा बंदरगाह के पास पहुँचते ही उस पर ड्रोन से हमला हुआ।
भारतीय समय के अनुसार यह हमला दोपहर करीब 4:45 बजे हुआ था। अकबरभाई के अनुसार, हमले के समय जहाज का ट्रांसपोंडर चालू था और उस पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा था। इस कारण आसपास के सभी जहाज इस जहाज की पहचान, क्रू मेंबर्स और माल की जानकारी देख सकते थे। अकबरभाई फोन के जरिए जहाज को ट्रैक कर रहे थे और 4:30 बजे तक सब सामान्य था, लेकिन 4:45 बजे कैप्टन सलीम अब्दुल सुंभनिया का फोन आया कि ड्रोन हमले के कारण जहाज में आग लग गई है और सभी खलासी लाइफबोट में बैठ गए हैं।
हमला होर्मुज जलडमरूमध्य के मुख से बाहर निकलते समय ओमान की खाड़ी की ओर से सीधा किया गया था। ड्रोन सीधे आकर जहाज के केबिन से टकराया। अकबरभाई ने उल्लेख किया कि यह क्षेत्र ईरान से दूर है और यहाँ ईरानी जहाजों के साथ-साथ अमेरिका की नौसेना के युद्धपोत और हेलीकॉप्टरों की आवाजाही रहती है। अल जुसुफी में 950 टन (95 हजार किलो) खजूर लदे थे, जो आग के कारण नष्ट हो गए। आसपास कोई अन्य जहाज या अग्निशमन सुविधा न होने के कारण आग नहीं बुझाई जा सकी और अंततः जहाज डूब गया।
यह घटना सोमवार को हुई, जिस दिन अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया था। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों के बाद शुरू हुए युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर हमले की यह चौथी घटना है। नईम गंधार इस तरह के हमले में जान गंवाने वाले गुजरात के दूसरे खलासी हैं। भारत सरकार ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर व्यापारिक जहाजों पर हमले चिंता का विषय हैं। जहाज मालिकों ने शिकायत की है कि भारत सरकार द्वारा बताए गए सभी सुरक्षा उपायों को अपनाने के बावजूद उनके जहाजों पर हमले हो रहे हैं।
वरतेज शराब कांड में 14 लोगों की मौत के मामले में 1 लाख पन्नों की चार्जशीट दाखिल
SMC ने 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 22 लाख का माल जब्त किया
परिवार में अशांति के वहम में पोते ने दादी की सीमेंट ब्लॉक से हत्या की
आहवा तालुका के जामलापाड़ा गांव में काम-धंधे में बरकत न मिलने के कारण पोते ने किया यह कृत्य
AMTS ने विवादित चित्रा एड एजेंसी को 800 बस स्टेशन बनाने का काम सौंपा
बार्टर सिस्टम के तहत एजेंसी अपने खर्च पर बस स्टॉप बनाएगी और विज्ञापनों का अधिकार प्राप्त करेगी