गांधीनगर के 35 वर्षीय युवक के अंगदान ने तीन मरीजों को दिया नया जीवन
देहगाम के युवक के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिवार ने अंगदान का नेक निर्णय लिया
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, सुबह 1:50 · 3 मिनट का पाठ
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अहमदाबाद सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान 35 वर्षीय युवक को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद, उनके अंगदान ने तीन जरूरतमंद मरीजों के जीवन में नई आशा जगाई है। गांधीनगर जिले के देहगाम निवासी इस युवक के अंगदान से दिवाली के त्योहार से पहले तीन परिवारों में खुशियां छा गई हैं। इस दुखद घटना की शुरुआत 31 अक्टूबर को हुई थी, जब यह युवक एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके सिर के हिस्से में गंभीर चोटें आई थीं। दुर्घटना के बाद उसे तत्काल उपचार के लिए पहले गांधीनगर और फिर अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ले जाया गया।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने युवक की जान बचाने के लिए सभी संभव प्रयास किए थे। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अंततः 3 नवंबर को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। यह दुखद समाचार मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ऐसी कठिन परिस्थिति में सिविल अस्पताल की काउंसलिंग टीम और डॉक्टरों ने मृतक की पत्नी को ब्रेन डेड की स्थिति और अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। पति को खोने के अत्यंत दुखद समय में भी उन्होंने असाधारण साहस दिखाया और अंगदान के लिए लिखित सहमति दी।
इस नेक निर्णय के परिणामस्वरूप एक लिवर और दो किडनी सफलतापूर्वक प्राप्त की गईं। इन अंगों को तत्काल सिविल मेडिसिटी कैंपस में स्थित किडनी अस्पताल में ट्रांसप्लांट के लिए भेजा गया, जहां इंतजार कर रहे मरीजों में इनका प्रत्यारोपण किया गया। इस मामले के साथ अहमदाबाद सिविल अस्पताल में अंगदान का आंकड़ा 260 तक पहुंच गया है। अब तक इस संस्थान द्वारा कुल 1,126 अंगों और ऊतकों का दान किया गया है। यह उपलब्धि अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं और जागरूकता अभियान की सफलता को दर्शाती है।
इस भावुक क्षण के बारे में बात करते हुए सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि अंगदान निस्वार्थ सेवा का सर्वोच्च रूप है, जो व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी जीवित रखता है। परिवार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अत्यंत दुख की घड़ी में भी परिवार ने जो साहस और मानवता दिखाई है, वह प्रशंसनीय है। समय पर और करुणामयी निर्णय लेने से अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों में फिर से रोशनी लाई जा सकती है। डॉक्टरों ने इस परिवार के निर्णय की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बताया।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल गुजरात के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जो लंबे समय से अंगदान की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह अस्पताल कई गंभीर मरीजों को नया जीवन देने के लिए अंगदान के बारे में जागरूकता फैलाने का कार्य करता है। अतीत में भी इस संस्थान ने अंगदान के कई सफल मामले दर्ज किए हैं, जिनमें ब्रेन डेड मरीजों के अंगों से कई लोगों को नया जीवन मिला है। अस्पताल के डॉक्टर और काउंसलिंग टीम लगातार परिवारों को अंगदान के महत्व के बारे में मार्गदर्शन देकर इस नेक कार्य को प्रोत्साहन दे रहे हैं।
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