ओडिशा के गंजाम जिले में समुद्री कटाव और भूस्खलन की दोहरी मार
आर्यापल्ली में समुद्री कटाव की समस्या और गिड़ीपाबली में भूस्खलन से 10 लोग लापता
लेखक कैपिटल क्रांति डेस्क, गांधीनगर · संपादक: पार्थ ठक्कर
5 नवंबर 2026, दोपहर 2:09 · 4 मिनट का पाठ
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ओडिशा के गंजाम जिले में वर्तमान में प्राकृतिक आपदाओं ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ आर्यापल्ली गांव समुद्री कटाव के कारण अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है, तो दूसरी तरफ गिड़ीपाबली गांव में भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। हिंदुस्तान टाइम्स और द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, गिड़ीपाबली गांव में 28 अक्टूबर 2026 की रात चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई भारी बारिश से भूस्खलन हुआ था। इस दुर्घटना में 7 घर जमींदोज हो गए थे। गांव के कुल 25 निवासियों में से 13 लोग बच गए हैं, जबकि 2 लोगों के शव मिल गए हैं। मृतकों की पहचान 29 वर्षीय सलमान प्रधान और 52 वर्षीय रबी मल्लिक के रूप में की गई है। अभी भी 10 लोग लापता हैं।
कंधमाल जिला कलेक्टर वेदभूषण ने बताया कि एक ही रात में तीन बार भूस्खलन होने के कारण बाकी शवों के 30 फीट से अधिक गहरे दबे होने की संभावना है। बचाव कार्य में बाधा डालने वाले कारकों में गांव का दुर्गम स्थान, सड़कों का अभाव और नियंत्रित ब्लास्टिंग के कारण दोबारा भूस्खलन होने का जोखिम शामिल है। 2 नवंबर 2026 को ओडिशा सरकार ने बचाव कार्य तेज कर दिया था, जिसमें एनडीआरएफ, ओड्राफ, रेलवे और फायर सर्विस के 157 जवानों के साथ-साथ 25 स्थानीय स्वयंसेवक शामिल थे। बुधवार, 4 नवंबर 2026 तक, खराब मौसम और दोबारा जमीन धंसने के जोखिम के कारण अधिकारियों ने 10 लापता ग्रामीणों की खोजबीन का काम अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया था। इस पूरे ऑपरेशन में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, खनन विभाग के अधिकारियों और पशु चिकित्सा स्टाफ सहित 400 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया गया था।
दूसरी तरफ, संदेश और बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गंजाम जिले का आर्यापल्ली गांव समुद्री कटाव की गंभीर समस्या का सामना कर रहा है। समुद्र गांव में आगे बढ़ रहा है, जिसके कारण गांव के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। रुशिकुल्या नदी के मुहाने से लेकर आंध्र प्रदेश की सीमा तक के क्षेत्र में यह कटाव हो रहा है, जिसमें आर्यापल्ली सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। प्रशासन द्वारा समुद्र तट को सुरक्षित करने के लिए पत्थर डालने का काम शुरू किया गया है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। 2013 के 'फैलिन' चक्रवात के बाद ओडिशा डिजास्टर रिकवरी प्रोजेक्ट (ओडीआरपी) के तहत आर्यापल्ली के निवासियों के लिए पुनर्वास घर बनाए गए थे। हालांकि, केवल 30 प्रतिशत आबादी ही इन घरों में रहती है, जबकि 70 प्रतिशत लोग अपने मूल तटीय घरों में वापस लौट गए हैं। निवासियों का कहना है कि पुनर्वास स्थलों पर पीने के पानी और स्कूलों जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण वे अपने पैतृक घरों और जमीन को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
इस बीच, बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, रीन्यू कंपनी के चेयरमैन और सीईओ सुमंत सिन्हा के नेतृत्व में कंपनी ओडिशा में 1,500 मेगावाट के पंप हाइड्रो प्रोजेक्ट में ₹9,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है।
गंजाम जिला ओडिशा के दक्षिणी भाग में स्थित एक प्रशासनिक जिला है। यह जिला बंगाल की खाड़ी के तट पर बसा होने के कारण अक्सर चक्रवाती तूफानों और समुद्री कटाव जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहा है। इस क्षेत्र के निवासी मुख्य रूप से मछली पकड़ने और खेती पर निर्भर हैं, और अतीत में भी कई बार प्राकृतिक प्रकोप के कारण इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।
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